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the passion in a sentence

the passion meaning in Hindi

Examples

  1. In a similar way the Buyide prince Adud-aldaula acted , who besides also had a second aim in view , viz . that of protecting his subjects against the passions of his unmarried soldiers .
    इसी प्रकार बुईद राजा अजदउद्दौला भी किया करता था लेकिन उसका इसके अलावा एक और भी उद्देश्य था और वह यह कि अपनी प्रजा की अपने अविवाहित सैनिकों की कामवासना से रक्षा करना .
  2. This reflective element will from now on be increasingly impressed on his poetry , the passion subdued will be the stronger , the thought subtler .
    यहीं से विमर्श की छाया धीरे धीरे उनकी कविताओं पर फैलती चली गई है और जैसे जैसे यह भावावेश या मनोवेग शक्तिशाली होता चला गया है- वैसे वैसे निहित विचार अधिक प्रखर या प्रभावी होते चले गए हैं .
  3. This reflective element will from now on be increasingly impressed on his poetry , the passion subdued will be the stronger , the thought subtler .
    यहीं से विमर्श की छाया धीरे धीरे उनकी कविताओं पर फैलती चली गई है और जैसे जैसे यह भावावेश या मनोवेग शक्तिशाली होता चला गया है- वैसे वैसे निहित विचार अधिक प्रखर या प्रभावी होते चले गए हैं .
  4. In spite of the passions aroused there was very little , if any , racial feeling , and , on the whole , there was a deliberate attempt on the part of the people to avoid causing bodily injury to their opponents .
    लोगों में गुस्सा और जोश पैदा होने के बावजूद कौमी भेदभाव की भावना अगर थी , तो बहुत थोड़ी थी और कुल मिलाकर जनता ने खुद यह कोशिश की कि दुश्मनों को कोई जिस्मानी चोट न पहुंचे .
  5. That the Passion Play left a deep impression oh his mind can be guessed from the theme of his poem , The Child , which he wrote soon after during his stay in Germany , the only poem he ever wrote directly in English .
    ? पैसन प्ले ? का उनके दिमाग पर क्या असर हुआ , यह उनकी कविता ? चाइल्ड ? ( शिशु ) की विषय-वस्तु से अंदाजा लगाया जा सकता है जो उन्होंने अपने जर्मनी-प्रवास के तुरंत बाद लिखी थी - शायद यही उनकी एकमात्र कविता थी , जो सीधे अंग्रेजी में लिखी गई थी .
  6. Looking back, Mr. Gerecht deems the Algeria policy a mistake. An Islamist electoral victory in 1992 “might have diverted the passion and energies” of those many Algerians who took up violence. As in Iran, Islamism in power would likely have stimulated a rejection of the simplistic ideology that Islam has all the answers.
    अरबी भाषा बोलने वाले सुन्नी मुसलमानों के मध्य कट्टरपंथी इस्लाम के उदय को वाशिंगटन को किस प्रकार देखना चाहिए ?यह प्रश्न श्री गेरेच उठाते हैं और फिर इसका उत्तर भी इरान और अल्जीरिया के परस्पर विरोधी इतिहास में देते हैं .
  7. We have to revive the passion for truth and beauty and freedom which gives meaning to life , and develop afresh that dynamic outlook and spirit of adventure which distinguished those of our race who in ages past , built our house on these strong and enduring foundations .
    सच्चाई , खूबसूरती और आजादी के लिए उसको हमें फिर से जगाना है , जिससे जिंदगी सार्थक होती है और उस गतिशील नजरिये और खोज की उस भावना को फिर पैदा करना है , जिसने हमारी मानव जाति को यह एक खासियत दी कि हमारी सत्ता मजबूत और पक़्की बुनियाद पर खड़ी हो सके .
  8. The world he had not tired of repeating was caught in a vicious trap of its own making , whereisms of diverse kinds merely helped to make its strangle hold more vicious , and where the greedy merchant , the crafty priest and the power-hungry politician exploited the passions of the common people , their capacity for hatred and heroism , to serve their own ends .
    वे यह बात कहते नहीं थकते थे कि यह दुनिया अपने ही बनाए इस प्राणांतक जाल में जकड़ गई है , विभिन्न प्रकार के वादों ने इसकी जकड़बंदी को और भी अधिक मजबूत बना दिया है.लालची और पाखंडी पुरोहितों और सत्तालोलुप राजनीतिज्ञों ने साधारण लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ कर अपनी घृणा या नायक्तव की क्षमता और भावना का अपनी स्वार्थसिद्धि के लिए इस्तेमाल किया
  9. We do so not because we support hateful speech, but because our Founders understood that without such protections, the capacity of each individual to express their own views, and practice their own faith, may be threatened. We do so because in a diverse society, efforts to restrict speech can become a tool to silence critics, or oppress minorities. We do so because given the power of faith in our lives, and the passion that religious differences can inflame, the strongest weapon against hateful speech is not repression, it is more speech - the voices of tolerance that rally against bigotry and blasphemy, and lift up the values of understanding and mutual respect. I know that not all countries in this body share this understanding of the protection of free speech. Yet in 2012, at a time when anyone with a cell phone can spread offensive views around the world with the click of a button, the notion that we can control the flow of information is obsolete. The question, then, is how we respond. And on this we must agree: there is no speech that justifies mindless violence.
    रिपब्लिकन राष्ट्रपति प्रत्याशी मिट रोमनी ने सही ही कहा , “यह दुखद है कि ओबामा प्रशासन की प्रथम प्रतिक्रिया हमारे दूतावासों पर हुए आक्रमण की निन्दा करने की नहीं थी वरन वे उनके प्रति सहानुभूति रख रहे थे जिन्होंने आक्रमण किया” । इस तर्क के व्यापक परिणाम हैं चुनाव के लिये तो अधिक नहीं हैं( वहाँ ईरान प्रमुख विदेश नीति का मुद्दा है) परंतु क्योंकि ऐसी कमजोरी से इस्लामवादियों को पुनः आक्रमण करने की प्रेरणा मिलती है तथा वे इस्लाम की आलोचना को रोक पाते हैं और पश्चिम पर इस्लामी कानून या शरियत के एक आयाम को थोपने में सफल होते हैं।
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