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ethics in a sentence

ethics meaning in Hindi

Examples

  1. He discerns a wide range of motives on the part of the Yishuv's Palestinian allies: economic gain, class or tribal interests, nationalist ambitions, fear or hatred of the Husseini faction, personal ethics, neighborliness, or individual friendships. Against those who would call these individuals “collaborators” or even “traitors,” he argues that they actually understood the situation more astutely than Husseini and the rejectionists: accommodationists presciently realized that the Zionist project was too strong to resist and that attempting to do so would lead to destruction and exile, so they made peace with it.
    वे यिशुवा के फिलीस्तीनी गठबंधन के अनेक कारण गिनाते हैं: समान लाभ, स्तर और कबीलाई हित , राष्ट्रवादी महत्वाकाँक्षा, हुसैनी तत्व के प्रति घृणा या भय, व्यक्तिगत नैतिकता, पडोसी न होने का अकेलापन या व्यक्तिगत मित्रता। जो लोग इन लोगों को “मिलीभगत वाला” या “ गद्दार” कहते हैं उनके लिये कोहेन का तर्क है कि ये लोग परिस्थितियों को हुसैनी तथा अन्य अस्वीकारवादियों से कहीं अच्छा समझते थे: समायोजनवादी जान गये थे कि इजरायलवाद का प्रकल्प अत्यंत सशक्त है और इसका विरोध नहीं किया जा सकता और इसका विरोध करने का अर्थ विनाश और घर से निकाला जाना होगा इसलिये उन्होंने इसके साथ शांति स्थापित कर ली।
  2. In what looks like a contradiction to me, Markham and Ozdemir simultaneously present Globalization, Ethics and Islam as a “corrective” to my worldview, then acknowledge that the book “partly agrees” with me in two respects: that Turkey can provide a model for relations with the West and that “there is a problem with militant Islam.” How can this be if my work is vitriolic, distortive, misrepresentational, and faulty? Fewer epithets and more specifics would enhance the discussion. Also inconsistent is their bewailing my belief that the Muslim world needs more secularism, then warning that “If we allow ourselves to be infected by the Pipes worldview, then perhaps we are in for a long, desperate battle between Islam and the West.” Secular Muslims states would engage in a jihad against the West? Try to figure that out.
    पुस्तक में विरोधाभास के दर्शन तब होते हैं जब मारखम , ओजदमीर ग्लोबलाईजेशन , इथीक्स एंड इस्लाम भाग को मेरी विश्व दृष्टि की समीक्षा के संदर्भ में प्रस्तुत करते हैं और फिर पुस्तक के कुछ भाग से अपनी स्वीकृति भी जताते हैं .तुर्की इस्लाम के पश्चिम के साथ रिश्तों के लिए एक मॉडल है और कट्टरपंथी इस्लाम के भीतर कुछ समस्या है . इन दोनों विषयों से लेखक सहमत हैं.यदि मेरी पुस्तक कड़वाहट से भरपूर , तथ्यों को तोड़ने मरोड़ने वाली भ्रामक और गलत है तो फिर उससे सहमति कैसी .विशेषताओं का कम वर्णन और कुछ विशेष संदर्भों की अधिक चर्चा तो बात बढ़ाने जैसा है .मेरी इस धारणा पर कि मुसलमानों को और अधिक सेक्यूलर होने की आश्यकता है उनका दुखी होना उनकी अस्थिरता को दर्शाता है . वे चेतावनी देते हैं कि यदि हम पाईप्स की विश्व दृष्टि से प्रभावित हुए तो हमें इस्लाम और पश्चिम के मध्य लंबी और हताश करने वाली लड़ाई के लिए तैयार रहना चाहिए . सेक्यूलर मुस्लिम राज्य भी पश्चिम के साथ जेहाद में कूद पड़ेंगे उन्हें पहचानने की कोशिश करो.
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