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साधन रूप sentence in Hindi

pronunciation: [ sadhan rup ]
साधन रूप meaning in English

Examples

  1. मानव-मस्तिष्क तथा मानव-देह की अन्य अनेक ग्रंथियों की ऐसी बनावट है जिससे ज्ञानवृद्धि के अत्यन्त साधन रूप में विशिष्ट सहयोग प्राप्त होता है, पर इसका बनाना मानव के हाथ में नहीं है.
  2. इसलिए प्रति दिन निरंतर नया रूप धारण करता रहता है, धर्म की पुकार, अनन्य साहस का आकर्षण या प्रेरणात्मक साहित्य का लालित्य देश काल के अनुसार समय समय पर जनमत बनाने में सहायक या साधन रूप रहे हैं।
  3. ऐसे लोग मोक्ष के साधन रूप मनुष्य शरीर को पाकर भी आत्महत्या के कारण उस लाभ से वंचित हो एक घर से दूसरे घर में जाने वाले मनुष्य के समान एक शरीर से दूसरे शरीर को प्राप्त होते हैं।
  4. जैसे साधकों के लिए साध्य और साधन रूप से भगवान का अवतार है, भक्तों के लिए भक्ति रूप से, ज्ञान योगियों के लिए ज्ञान रूप से और कर्म योगियों के लिए कर्तव्य के रूप में भगवान अवतार लेते है।
  5. ऐसे लोग मोक्ष के साधन रूप मनुष्य शरीर को पाकर भी आत्महत्या के कारण उस लाभ से वंचित हो एक घर से दूसरे घर में जाने वाले मनुष्य के समान एक शरीर से दूसरे शरीर को प्राप्त होते हैं।
  6. सांसारिक भोग सुखों की प्राप्ति के साधन रूप सकाम-रूप से भिन्न यथार्थ कल्याण को न जानने वाले व्यक्ति पापों के परिणामस्वरूप हीन योनियों (कीट, पत, शूकर या वृक्ष, पत्थर इत्यादि) में जाते हैं ।।
  7. नचिकेता के प्रश्नों का यम सही उत्तर नहीं देते ना ही उसकी सत्य-ज्ञान जिज्ञासा को शांत कर पाते हैं बस परमात्मा प्राप्ति के साधन रूप श्रेय की प्रशंसा कर साधारण मनुष्यों की विशेषता और उसके वैराग्य-भाव को प्रशंसा करते हैं।
  8. केन्द्रस्थ समवाय में केन्द्रीय प्रवृत्ति साध्य रूप रहती है और उस प्रवृत्ति में उत्पन्न होने वाली समस्याओं को हल करने के लिए सहज रूप से जिस बौद्धिक ज्ञान की या नैतिक अभ्यास की आवश्यकता होती है वह साधन रूप माना जाता है।
  9. बाजारीकरण, दृश्य और श्रव्य मीडिया, बहुराष्ट्रीय कम्पनियाँ, उपभोक्तावाद आदि का ‘‘ब्राण्ड इमेज की महत्ता” “शीर्षक लेख में तथा ‘‘इण्टरनेट का बढ़ता प्रभाव” में विश्व-ग्राम की नजदीकियों से भाषा, संस्कृति, व्यापार, व्यवसाय, शिक्षा और जीवन के सभी क्षेत्रों की सूचनाओं के उपलब्ध होने के साधन रूप में भी इस पुस्तक में चर्चा का विषय बना है।
  10. -अर्थात क्रीडायें व विभिन्न साधन रूप मरुतो! तुम कण्व हो, अर्थात शब्द करने वाले हो, तुम्हारे बल से रथ (विमान) चलते हैं इनका कोइ प्रतिरोध नहीं कर सकता | तुम्हारे शब्द से (मन की शक्ति से) चालित विमान अत्यंत प्रभावी हैं उनका कोइ मुकाबला नहीं कर सकता |
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