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पूर्ण भाषा sentence in Hindi

pronunciation: [ purna bhasa ]
पूर्ण भाषा meaning in English

Examples

  1. हिन् दी भाषा क्षेत्र में ऐसी बहुत सी उपभाषाएँ हैं जिनमें पारस् परिक बोधगम् यता का प्रतिशत बहुत कम है किन् तु ऐतिहासिक एवं सांस् कृतिक दृष् टि से सम् पूर्ण भाषा क्षेत्र एक भाषिक इकाई है तथा इस भाषा-भाषी क्षेत्र के बहुमत भाषा-भाषी अपने-अपने क्षेत्रगत भेदों को हिन् दी भाषा के रूप में मानते एवं स् वीकारते आए हैं।
  2. निकृष्ट और दंभ पूर्ण भाषा, मूर्खता पूर्ण और बचकाने तर्कों और तथ्यों का एक बाल ब्रह्मचारी, आचार्य और अध्यात्मवेत्ता के व्यक्तित्व और कृतित्व से भला क्या लेना-देना? झूठ, कटु आलोचना, निंदा, गाली-गलौच, अमर्यादित और अहंकार पूर्ण भाषा, क्रोध, नफरत, पूर्वाग्रह आदि सब मनु द्वारा प्रतिपादित धर्म के 10 लक्षणों और एक ब्रह्मचारी के चरित्र और आचरण के बिल्कुल विपरीत है।
  3. पता नही कैसे वे लोगों को क्लिष्ट लगते हैं! मतलब तो समझ लीजै श्रीमान! जब आप सीखने का जज्बा लायेंगें तो यही शब्द आपको अच्छे लगने लगेगें! हाँ बहुत से बुद्धिजीवी अब यह कहते भये हैं कि आडम्बर पूर्ण भाषा का इस्तेमाल न किया जाय! मगर भाषा हमारी जीवन शैली, रीति रिवाजों-मतलब संस्कृति से गहरी जुडी है!
  4. निकृष्ट और दंभ पूर्ण भाषा, मूर्खता पूर्ण और बचकाने तर्कों और तथ्यों का एक बाल ब्रह्मचारी, आचार्य और अध्यात्मवेत्ता के व्यक्तित्व और कृतित्व से भला क्या लेना-देना? झूठ, कटु आलोचना, निंदा, गाली-गलौच, अमर्यादित और अहंकार पूर्ण भाषा, क्रोध, नफरत, पूर्वाग्रह आदि सब मनु द्वारा प्रतिपादित धर्म के 10 लक्षणों और एक ब्रह्मचारी के चरित्र और आचरण के बिल्कुल विपरीत है।
  5. निकृष्ट और दंभ पूर्ण भाषा, मूर्खता पूर्ण और बचकाने तर्कों और तथ्यों का एक बाल ब्रह्मचारी, आचार्य और अध्यात्मवेत्ता के व्यक्तित्व और कृतित्व से भला क्या लेना-देना? झूठ, कटु आलोचना, निंदा, गाली-गलौच, अमर्यादित और अहंकार पूर्ण भाषा, क्रोध, नफरत, पूर्वाग्रह आदि सब मनु द्वारा प्रतिपादित धर्म के 10 लक्षणों और एक ब्रह्मचारी के चरित्र और आचरण के बिल्कुल विपरीत है।
  6. एक कम अक़ल और गंवार व्यक्ति अशिष्ट और दंभपूर्ण भाषा ‘ ौली का प्रयोग करें तो बात समझ में आती है, मगर एक आचार्य, संस्कृत का प्रकांड पंडित और वेदों का ज्ञाता अपने मुख्य ग्रंथ में ऐसी भाषा का प्रयोग करें तो इसे क्या कहा जाएगा? संस्कृत एक अलौकिक, सभ्य और संस्कारित भाषा है, अगर एक संस्कृत और व्याकरण का प्रकांड पंडित अपने मुख्य ग्रंथ में निकृष्ट और अहंकार पूर्ण भाषा का प्रयोग करें तो क्या यह संस्कृत भाषा का अपमान नहीं हैं?
  7. अगर कोई व्यक्ति पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी का स्थान लेने को आतुर है तो उस व्यक्ति को अपनी भाषा शैली को भी उन्ही के सामान संयंत करना ही होगा अन्यथा व्यंगात्मक निन्दनात्मक और कटाक्ष पूर्ण भाषा शैली के साथ प्रधान मंत्री का पद कहीं दिवा स्वपन ही न रह जाय क्योंकि भाषा शैली में गंभीरता की बहुत कमी है वैसे यह कला किसी बिरले में ही होती है कि अपने विरुद्ध किसी भी बात को हवा में उड़ा दो या फिर अपनी शैली में अपनी और मोड़ लो.
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