तारों भरा sentence in Hindi
pronunciation: [ tarom bhara ]
Examples
- तुम मुझको उद्दीपन दे दो......... दुस्साहस भी कर सकता हूँ यदि तुम सम्बल देती जाओ श्रम-सीकर से भय ही कैसा बस तुम आँचल झलती जाओ सच कह दूँ संकेत मात्र पर तारों भरा गगन दे दूँगा।
- * * मानों तारों भरा आकाश टिमटिमाने लगा... द्विगु... http://aadhasachonline.blogspot.in/ पर महेंद्र श्रीवास्तव जी लिख रहे हैं सम्मान से बहुत बड़ा है आत्म सम्मान.... सच कहूं तो इस समय देश की ही ग्रह दशा ही खराब है।
- AMएक आस, एक विश्वास, एक हंसी, एक आंसू,फूल, तितली, खुशबू,झरना,इनसे परे भी है जिंदगीटूटी फूटी छतों से झांकता तारों भरा आसमानकुत्तों और इंसानों के बीच चौराहे पर मची जंग..और भी क्या क्या... नव संवत्सर की हार्दिक शुभकामनायें....शुभ हो...!!
- पर पढ़िए अनु जी कर रही हैं पटाक्षेप एक नाटक का *कैसा मधुर स्वर था, * *जब तुमने हौले से * *किया था वादा..* *मुझसे मिलने का.* *मानों बज उठें हों,कई जलतरंग एक साथ....* *मानों झील में खिला कोई सफ़ेद झक **कमल..* *मानों तारों भरा आकाश टिमटिमाने लगा...द्विगु...
- दो इमारतों के बीच ही सही सूरज दिखता तो है सा ' ब उसकी लाली को चाय की प्याली और घरवाली के साथ अपनी जाली से देखकर ख़ुश हो लेना तारों भरा आसमान नहीं दिखेगा तो आसमान तो नहीं टूट पड़ेगा आपके पड़ोसी किसी स्टार से कम थोड़े ही हैं अब लाइफ़स्टाइल की नहीं स्टाइल...
- दो इमारतों के बीच ही सही सूरज दिखता तो है सा ' ब उसकी लाली को चाय की प्याली और घरवाली के साथ अपनी जाली से देखकर ख़ुश हो लेना तारों भरा आसमान नहीं दिखेगा तो आसमान तो नहीं टूट पड़ेगा आपके पड़ोसी किसी स्टार से कम थोड़े ही हैं अब लाइफ़स्टाइल की नहीं स्टाइल
- यह नि: शब्द रात यह स्वच्छ चांदनी पेडों पर यह झींगुर का बोलना यह मेढक की टर्र टर्र शहर के कोलाहल से दूर इस गांव में क्या यह स्वर्ग उतरा है धरती पर यह तारों भरा आसमान यह मधुर मंद बयार हौले हौले से उडते ये तुम्हारे केश अपार यह चांदनी कितनी रहस्यमय लगती ह
- यह नि: शब्द रात यह स्वच्छ चांदनी पेडों पर यह झींगुर का बोलना यह मेढक की टर्र टर्र शहर के कोलाहल से दूर इस गांव में क्या यह स्वर्ग उतरा है धरती पर यह तारों भरा आसमान यह मधुर मंद बयार हौले हौले से उडते ये तुम्हारे केश अपार यह चांदनी कितनी रहस्यमय लगती ह...
- हल्का आसमानी तारों भरा लिबास ही बहुत था हमें अधमरा कर देने को. “ आप ज़िया भाई के दोस्त हैं ना? ” हमारा उत्तर आने से पहले ही “ ज़िया भाई ज़िया भाई आपके दोस्त आए हैं!... ” कहता हुआ आसमानी लिबास उंगलियों के पोरों से अपने को समेटता भाग चला.
- यहीं बिल्कुल आस-पास है कहीं वह जगह-जहाँ अपनी सहज लय में गूँजता संगीत होते हैं तरंगित अर्थ कविता के, जहाँ साकार होते हैं सभी आकार अपने आप जहाँ इतनी सघन है अनुभूति जैसे गर्भ माता का अँधेरी रात का तारों भरा आकाश या फिर अधगिरी दीवार पर फूले अकेले फूल की पीली उदासी.... सघनता भी जहाँ जा कर विरल हो जाती!