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छद्म वेश में sentence in Hindi

pronunciation: [ chadma vesh mem ]
छद्म वेश में meaning in English

Examples

  1. रोमां रोला ने “ महात्मा गांधी के जीवन दर्शन ” में गांधीजी के जीवन दर्शन एवं टॉल्यटॉय के जीवन दर्शन की तुलना करते हुए गांधीजी को श्रेष्ठ बताया है वे लिखती हैं ‘‘ हिंदुत्व के छद्म वेश में उनका वास्तिविक हृदय उदार क्रिश्चियन का है।
  2. हर तीर्थ स्थान पर, फिर चाहे वो किसी भी धर्म का हो, तीर्थ यात्रियों को लूटने के लिए व्यापारी के छद्म वेश में लुटेरे बसे हुए हैं, जो देखने में तो भोले लगते हैं, लेकिन असल में वे पैने भाले हैं।
  3. इसी प्रकार मीरां का वल्लभ सम्प्रदाय में दीक्षित होना, बादशाह अकबर का तानसेन के साथ छद्म वेश में चित्तौड आ ना, मीरां का तुलसीदास से मार्गदर्शन हेतु पत्र व्यवहार, वृंदावन में मीरा और जीव गोस्वामी प्रकरण आदि भी इसी प्रयास की कडि याँ हैं ।
  4. पार्वती की निष्ठा और समर्पण, उसकी तपस्या में प्रकृति से नजदीकता का दृष्टान्त, शिव द्वारा छद्म वेश में पार्वती की प्रतिबद्धता की परीक्षा लेने का गज़ब उपक्रम, देवी का सटीक प्रत्युत्तर, शिव का द्रवित होकर देवी के प्रति अपने प्रेम और आस्था का इज़हा र..
  5. आज भी छद्म वेश में आकर रावण सरीखे वासनायुक्त राक्षस हारते हैं जबरन जानकीयों को और खेलते हैं उनके स्त्रीत्व की गरिमा से पर ना बचाने आता अब कोई राम या हनुमान उन्हें ज़िल्लत और बदनामी के अंगारों पे पग-पग झुलसती मजबूर है आज के ज़माने की जानकी उन कपटी दुश्चरित्र रावणों के सामने देने को अग्नि परीक्षा
  6. रॉसलिंड, जो अब गेनीमेड (जोव का अपना सेवक) के छद्म रूप में है, और सीलिया जो एलिएना (लाटिन भाषा में “अजनबी”) के छद्म वेश में है, अर्केडियाई आर्डेन के जंगल में पहुंचते हैं, जहां निर्वासित, ड्यूक अपने कुछ समर्थकों के साथ रहते हैं, इन समर्थकों में “उदास जैक्स” भी शामिल है जिसका परिचय हमें तब मिलता है जब वह एक हिरण के वध पर रोता है.
  7. रॉसलिंड, जो अब गेनीमेड (जोव का अपना सेवक) के छद्म रूप में है, और सीलिया जो एलिएना (लाटिन भाषा में “अजनबी”) के छद्म वेश में है, अर्केडियाई आर्डेन के जंगल में पहुंचते हैं, जहां निर्वासित, ड्यूक अपने कुछ समर्थकों के साथ रहते हैं, इन समर्थकों में “उदास जैक्स” भी शामिल है जिसका परिचय हमें तब मिलता है जब वह एक हिरण के वध पर रोता है.
  8. बहुत कुछ आध्यात्मिक एवं व्यावहारिक ज्ञान का रिविजन कर पाते हैं हम. शिव और शक्ति....पुरुष और प्रकृति के सम्मिलन के बिना वृतुल पूर्ण नहीं हो पाता....इस मिलन के क्रम में बहुत कुछ है जो साधना से जुड़ा हुआ है...पार्वती की निष्ठा और समर्पण, उसकी तपस्या में प्रकृति से नजदीकता का दृष्टान्त, शिव द्वारा छद्म वेश में पार्वती की प्रतिबद्धता की परीक्षा लेने का गज़ब उपक्रम, देवी का सटीक प्रत्युत्तर, शिव का द्रवित होकर देवी के प्रति अपने प्रेम और आस्था का इज़हार..
  9. छिन्न हो गया अभेद्य जो कवच था पास का वक्त हो पुरंदरी खडा हुआ आ द्वार पर कुण्डलों को साध के वो ले गया उतार कर लेन देन का हिसाब इस तरह हुआ कि हम दान तो दिये परन्तु हो ऋणी ही रह गये-ढूँढ़ते जिसे रहे हथेलियों की रेख में वो छुपा हुआ रहा सदा ही छद्म वेश में हम नजर के आवरण को तोड़ पर सके नहीं-इस बंद का शब्दार्थ तो आसान है, पर आप लिखते समय क्या सोच रहे थे ये कहें, ख़ास कर छद्म वेश वाली बात...
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