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ऐश करना sentence in Hindi

pronunciation: [ aish karana ]
ऐश करना meaning in English

Examples

  1. ऐश शब्द में बेफिक्री के साथ गुज़र-बसर करने का भाव होता है प्रमुख है इसीलिए जेल में बंद सजायाफ्ता मुजरिमों के लिए भी ऐश करना मुहावरा प्रयोग किया जाता है क्योंकि जेल उनके लिए किसी ऐशगाह से कम नहीं होती।
  2. एक तो वे जो छुट्टियों के दौरान फुल ऐश करना चाहते हैं और दूसरे वे लोग, जो अपनी छुट्टियां तो एंजॉय करना ही चाहते हैं, साथ में नेचर का मजा लेते हुए उस जगह की कल्चर से भी परिचित होना चाहते हैं।
  3. एक व्यक्ति जन्म लेता हैं अपने देश को मजबूत बनाने के लिए और दूसरा व्यक्ति जन्म लेता हैं, ये करने के लिए कि देश से उसे क्या मतलब, पशुओं की तरह खाना-पीना, ऐश करना और दूनिया से चल देना हैं।
  4. लूटना, चोरी, भ्रस्टाचार, बलात्कार, कालाधाम, औरत का शोषण या औरत के साथ ऐश करना अगर कांग्रेस नही करेगा तो क्या बी जे पी वाला करेगा कांग्रेस कॅया पूरा परिवार है क्रिमिनल, रिश्तेदार भी हैं अपराधी एक मूक, बधिर इंसान को लोकतंत्र का सर्वोच स्थान प्रधानमंत्री दे दिया.
  5. हम तब तक जिंदगी के मजे लेने को ही ऐश समझते थे, पर उस दिन हमें असलई ऐश समझ आई कि सिगरेट की राख जो कि जिंदगी को भी राख बना देती है, उसे ऐश कहते हैं … पता था कि ऐश करना अच्छी बात नहीं है …
  6. सिर्फ़ पैसा कमाना, ऐश करना और मर जाना या कुछ देश के लिए ऐसा भी करके जाना ताकि आने वाली पीढ़ियां उनको सिर्फ़ उनकी दौलत या मंत्री पद के लिए नहीं, बल्कि इसलिए याद करें कि उन्होंने देश और धर्म की मूल पहचान की रक्षा के लिए तन-मन-धन अर्पित कर दिया था.
  7. सिर्फ़ पैसा कमाना, ऐश करना और मर जाना या कुछ देश के लिए ऐसा भी करके जाना ताकि आने वाली पीढ़ियां उनको सिर्फ़ उनकी दौलत या मंत्री पद के लिए नहीं, बल्कि इसलिए याद करें कि उन्होंने देश और धर्म की मूल पहचान की रक्षा के लिए तन-मन-धन अर्पित कर दिया था.
  8. यदि शराब पीना, मांस खाना, व्यभिचार करना, हिंसक बनना, कर्ज लेकर ऐश करना आदि को पश्चिमी समाज में बुरा नहीं माना जाता तो हम उसे बुरा क्यों मानें? आधुनिक दिखने, प्रगतिशील होने, सेकुलर बनने, भद्र लगने के लिए जो भी टोटके करने पड़ें, वे हम करें।
  9. सिर्फ़ पैसा कमाना, ऐश करना और मर जाना या कुछ देश के लिए ऐसा भी करके जाना ताकि आने वाली पीढ़ियां उनको सिर्फ़ उनकी दौलत या मंत्री पद के लिए नहीं, बल्कि इसलिए याद करें कि उन्होंने देश और धर्म की मूल पहचान की रक्षा के लिए तन-मन-धन अर्पित कर दिया था.
  10. किसी दौर में हम हिन्दी वालों पर आरोप लगता था कि हम अपनी भाषा को देश पर लाद रहे हैं, लेकिन अब विरोधी आंख खोलकर देख लें, हिन्दी वालों ने हिन्दी को किसी पर लादा नहीं है, बल्कि दूसरी भाषाओं के लोग हिन्दी के मार्फत अपना व्यापार फैलाना चाहते हैं, हिन्दी के दम पर ऐश करना चाहते हैं।
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