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तेजस्विता से sentence in Hindi

pronunciation: [ tejasvita se ]
तेजस्विता से meaning in English

Examples

  1. नामवर सिंह पर हमला करते हुए यादव जी लिखते हैं-अपने युवाकाल में यही नामवर थे जो अपनी मेधा और तेजस्विता से सुननेवालों को झकझोर डालते थे ।
  2. ज़रा ईश्वर भक्ति में पहुंचे हुए लोगों के मुखमंडल देखिये, कैसे आभावान, ओज और तेजस्विता से चमकते हुए, बच्चों के से निश्छल प्यार से दमकते हुए ।
  3. वरना कौन नहीं चाहेगा कि स्त्री सबला हो, वह स्त्री जो समाज को,संस्कृति को,परिवार व घर को बचाती है,वह अशक्त व वन्चित रहे....? जरूर मामला गड़बड़ है.उसकी तेजस्विता से घब्रराएं नहीं.
  4. मालवा से साहित्यिक वितान को अपनी सृजन तेजस्विता से दैदीप्यमान करते इस ' अक्षरादित्य ' का यूं यकायक ही अस्त हो जाना निश्चित ही साहित्य प्रेमियों के लिए असह्य आघात है।
  5. अपने प्रेरणादायी संबोधन में दीनदयालजी ने अपनी दूरदर्शिता का एक और प्रमाण दिया ' हम भारत के गौरवशाली अतीत की तेजस्विता से प्रेरित हैं, लेकिन हम इसे अपने राष्ट्रीय जीवन का सर्वोच्च शिखर नहीं मानते।
  6. प्रो. मधुरेश, मार्कण्डेय में अनेक भटकावों और दुराग्रहों की उपस्थिति पाते हैं, लेकिन वे स्वीकार करते हैं 'कहानी को एक वैचारिक तेजस्विता से जोडकर उसकी रूपवादी परिणितियों के विरुद्ध एक सार्थक हस्तक्षेप'४ उनकी सबसे बडी उपलब्धि है।
  7. अष्टावक्र ने उसी तेजस्विता से कहा, ‘‘ मैं तो यहाँ यह समझ कर आया था कि यह विद्वज्जनों की सभा है और मैं बन्दी से शास्त्रार्थ करूँगा, पर मुझे लगता है कि मैं मूर्खों की सभा में आ गया हूँ।
  8. अपने युवाकाल में यही नामवर थे जो अपनी मेधा और तेजस्विता से सुनने वालों को झकझोर डालते थे-प्लेइंग टु द गैलरी की मानसिकता ने उन्हें कहां ला-छोड़ा है? इधर उन्होंने यह सोचना भी छोड़ दिया है कि विमोचन वे अटल बिहारी वाजपेयी की कविताओं का कर रहे हैं या वरवर राव की...
  9. ताकि बाहर के सविता देवता का तेज, जो कि प्राणस्वरूप है, सुखस्वरूप है, दुःखनाशक है, श्रेष्ठतम है, तेजस्विता से अभिपूरित है, पापनाशक है एवं दिव्यता से ओत-प्रोत है, जैसे ही हमारे द्वारा, हमारी अंतरात्मा द्वारा सोख लिया जाता है (धीमहि), हमारी बुद्धि सही दिशा में, सन्मार्ग की ओर जबरदस्ती (बलात्) चलने लगती है ;
  10. भगवान् भोले शंकर की उदारता के कारण कौन नहीं होगा जो उनके आराधना नहि करना चाहता होगा, देव दानव, गन्धर्व, मानव, सभी तो भगवान् आशुतोष की कृपा के आकांक्षी हैं.उन्ही भगवान के रूद्र स्वरुप की तेजस्विता से तो पूरा विश्व गति मान हैं ही, साधारणतः इन रूद्र के सम्बंधित साधना ज्यादा प्रकाश में नहीं आई हैं, पर एकादश रूद्र की बात ही अनोखी हैं, उनके उपासक,आराधक तो कहाँ कहाँ नहीं हैं, हर स्थान पर उनका का मंदिर या आराधक मिल ही जातेहैं, जिनका नाम की कष्टों से निवृति दिलाने वाला हैं.
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