गलत तौर पर sentence in Hindi
pronunciation: [ galat taur par ]
Examples
- द क्लान्समैन (ऊपर देखें) में, डिक्सन ने गलत तौर पर यह दावा किया है कि प्रथम क्लान ने पुनर्निर्माण के विरूद्ध लड़ने के लिये अपने सदस्यों की रैलियों में क्रॉस का प्रयोग किया था.
- अभियुक्तगण द्वारा उपरोक्त सभी आरोपों से इन्कार किया गया है और अपने बचाव में यह कहा गया है कि उनके खिलाफ गांव की रंजिश व राजनैतिक विद्वेष के कारण गलत तौर पर मुकदमा दर्ज कराया गया है।
- निगरानीकर्ता ने अदालत मातहत में वाद पत्र में संशोधन हेतु प्रार्थना पत्र दिया था, जो कानूनन स्वीकार होने योग्य था, अदालत मातहत ने गलत तौर पर संशोधन प्रार्थना पत्र गलत विवेचना करते हुए प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।
- प्रथम विवेचक के अनुसार भी राजीव पाण्डेय का नाम उसे किसी गवाह ने नहीं बताया था, बल्कि द्वितीय विवेचक पी0 डब्लू0-5 द्वारा पुनः वादी का बयान लेकर इस अभियुक्त का नाम गलत तौर पर प्रकाश में लाया गया।
- पिछले साल एक आतंकी संगठन द्वारा ब्रिटेन के ग्लासगो और लंदन में बम धमाके करने की असफल योजना में हनीफ के शामिल होने और गलत तौर पर उसे आरोपी ठहराए जाने के मामले में हुई गलतियों पर सरकार न्यायिक जांच की योजना बना रही है।
- पिछले साल एक आतंकवादी संगठन द्वारा ब्रिटेन के ग्लासगो और लंदन में बम धमाके करने की असफल योजना में हनीफ के शामिल होने और गलत तौर पर उसे आरोपी ठहराये जाने के मामले में हुई गलतियों पर सरकार न्यायिक जांच की योजना बना रही है।
- विपक्षी संख्या 2 बीमा कम्पनी द्वारा प्रतिवाद पत्र कागज संख्या 10ए दाखिल किया गया है, जिसके द्वारा याचिका में कथित अभिकथनों को गलत बताया गया है तथा यह अभिकथन किया गया है कि याचिका में याची की उम्र, व्यवसाय और आमदनी गलत तौर पर दर्शायी गयी है।
- आरोपी ने माल पटवारी हल्का सुखेराखेड़ा से मिलकर खुद को लाभ पहुंचाने के लिए जानबूझकर डबवाली के स्थाई निवासी होने का राशन कार्ड और गलत तौर पर झूठा व फर्जी रिकार्ड तैयार कर, 15 साल से गांव सुखेराखेड़ा का स्थाई निवासी होने का हलफिया ब्यान देकर प्रमाण पत्र जारी करवा लिया।
- 9. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को अपनी रिपोर्ट में 6 जुलाई, 1951 को स्टेट्समैन में 9 जुलाई, 1951 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार पंडित नेहरू ने कहा, ” कश्मीर को गलत तौर पर भारत और पाकिस्तान के बीच एक इनाम के रूप में देखा गया है.
- इसे गलत तौर पर ना ले लेकिन आज जो हम हर ओर नैतिकता और मूल्यों का ह्रास देखते है, वह तभी से बढा है, जब से तुच्छ कर्मो वाले लोग सत्ता पर काबिज हुए! ये लोग अपने फायदे और बचाव में जो जो मर्जी तर्क दे-दे लेकिन सच्चाई यही है!