×

के अनुरूप बनाना sentence in Hindi

pronunciation: [ ke anurup banana ]
के अनुरूप बनाना meaning in English

Examples

  1. हमें अपने विवेक को आत्मा के अनुरूप बनाना होगा, यह तभी संभव है जब हम अपनी व्यवस्था, संस्कार, माहौल को सुधारेंगे, हमें एक-दूसरे का पूरक बनना होगा ।
  2. जो लोग युग निर्माण की ईश्वरीय योजना में सार्थक, सुनिश्चित, टिकाऊ योगदान करना चाहते हैं, उन्हें परिवारों को युगऋषि द्वारा बतलाई गई उक्त परिभाषाओं के अनुरूप बनाना चाहिए।
  3. इन कानूनों की समीक्षा कर इन्हें वर्तमान सामाजिक, आर्थिक ढाँचे के अनुरूप बनाना चाहिए, क्योंकि सामाजिक और आर्थिक समस्याओं के चलते लोग अपराध की तरफ उन्मुख होते हैं और छोटे अपराधी अकसर आतंकवादियों की प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से मदद करते हैं।
  4. 1. सन् 1947 में लोकसेवाओं का जो स्वरूप हमें विदेशियों से उत्तराधिकर स्वरूप प्राप्त हुआ, वह विदेशी शासन की स्वस्थ और प्रशंसनीय व्यवस्थाओं में एक था, यद्यपि इसकी संरचना में विदेशियों का प्रधान दृष्टिकोण इसे एक कल्याणकारी राज्य की जटिल और अनिवार्य आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना नहीं, वरन् विधि और व्यवस्था (ला ऐण्ड आर्डर) की रक्षा मात्र था।
  5. 1. सन् 1947 में लोकसेवाओं का जो स्वरूप हमें विदेशियों से उत्तराधिकर स्वरूप प्राप्त हुआ, वह विदेशी शासन की स्वस्थ और प्रशंसनीय व्यवस्थाओं में एक था, यद्यपि इसकी संरचना में विदेशियों का प्रधान दृष्टिकोण इसे एक कल्याणकारी राज्य की जटिल और अनिवार्य आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना नहीं, वरन् विधि और व्यवस्था (ला ऐण्ड आर्डर) की रक्षा मात्र था।
  6. बहुत सम्भव है कि समाजवादी समाचारपत्र पूरी तरह या प्राय: पूरी तरह उनकी समझ से परे होगा (आख़िर पश्चिमी यूरोप में भी सामाजिक-जनवादी मतदाताओं की संख्या सामाजिक-जनवादी अख़बारों के पाठकों की संख्या से कहीं अधिक है), लेकिन इससे यह निष्कर्ष निकालना बिल्कुल बेतुका होगा कि सामाजिक-जनवादियों के समाचारपत्र को मज़दूरों के यथासम्भव अधिक निम्नतर संस्तर के अनुरूप बनाना चाहिए।
  7. 1. सन् 1947 में लोकसेवाओं का जो स्वरूप हमें विदेशियों से उत्तराधिकर स्वरूप प्राप्त हुआ, वह विदेशी शासन की स्वस्थ और प्रशंसनीय व्यवस्थाओं में एक था, यद्यपि इसकी संरचना में विदेशियों का प्रधान दृष्टिकोण इसे एक कल्याणकारी राज्य की जटिल और अनिवार्य आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना नहीं, वरन् विधि और व्यवस्था (ला ऐण्ड आर्डर) की रक्षा मात्र था।
  8. वास्तव में वामपंथी विचारधारा भारत जैसे लोकतांत्रिक देश के लोगों और इसकी मूल भावना से मेल नहीं खाती है, इसलिए वामपंथियों को यह महसूस करना होगा कि अगर वे भारत में अपना जनाधार तलाश करते हैं तो उन्हें वामपंथी देशों के विचारों के मॉडल में वांछित परिवर्तन कर उन्हें स्थानीय विचारों के अनुरूप बनाना होगा, अन्यथा भारत की राजनीति में उनका स्थायी और दीर्घकालिक महत्व नहीं रहेगा।
  9. हालाकिं समय हमारे पास कम हैं माँ कामख्या कार्यशाला की तिथि तो अब सामने आ खडी हुए हैं हम दिन रात कार्य में लगे हुए हैं समय की अपनी गति हैं ही. फिर भी हम मात्र प्रकाशित करने के लिए तो यह अंक प्रकाशित नहीं कर सकते हैं, जब तक हम स्वयं संतुस्ट न हो जाये एक निश्चित स्तर तक, तब तक तो इस अंक को हमें अधिक से अधिक बेहतर, आपकी आशयों के अनुरूप बनाना ही हैं.
More:   Prev  Next


PC Version
हिंदी संस्करण


Copyright © 2023 WordTech Co.