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अपनेसे sentence in Hindi

pronunciation: [ apanese ]
अपनेसे meaning in English

Examples

  1. तभी अचानक स्टेलाको क्या हूवा पता नही, उसने उसे जोरसे धकेलते हूए अपनेसे अलग किया. '' प्लीज... कृपा करके यहांसे चले जावो '' स्टेला अपना नग्न शरीर ढंकते हूए, अपना मुंह दुसरी तरफ फेरकर बोली.
  2. और मैंने अपने श्रीगुरुके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की | थोडे समय पश्चात, मेरे श्रीगुरुने मुझसे अपनेसे सूक्ष्म एकरूपताके भी संकेत भिन्न माध्यमोंसे देने आरंभ कर दिये और मैं आनंदके सागरमें हिलोरे लेने लगी |
  3. जैसे ही वे शहरकी सीमातक पहुंचे, उन्होंने देखा कि मुगल पहरेदार दुर्गादास तथा उनके साथियोंका पीछा कर रहे थे, अपनेसे कई गुना अधिक संख्यामें मुगल सेनाके साथ युद्ध करते हुए उन्हें वहांसे निकल कर जाना था ।
  4. आरोप पत्र ' के निर्माण में अंत तक सक्रीय भूमिका का निर्वहन करने में व्यस्त रहे! दर्शकों को अपनेसे बांध कर रखने की जो क्षमता उनमें थी वह केवल अमिताभ बच्चन के अतिरिक्त अन्य किसी में नहीं है, विशेषकर नै पीडी के फिल्म नायक तो नायक नहीं खलनायक ही हैं!
  5. परमात्माका अंश होने के नाते हम परमात्मासे अभिन्न हैं| प्रकृतिका अंश होने के नाते शरीर प्रकृतिसे अभिन्न है| जो अपने से अभिन्न है, उसको अपनेसे अलग मानना और जो अपनेसे भिन्न है उसको अपना, सम्पूर्ण दोषों का मूल है| जो अपना नहीं है, उसको अपना मानने के कारण ही जो वास्तव में अपना है, वह अपना नहीं दीखता|
  6. परमात्माका अंश होने के नाते हम परमात्मासे अभिन्न हैं| प्रकृतिका अंश होने के नाते शरीर प्रकृतिसे अभिन्न है| जो अपने से अभिन्न है, उसको अपनेसे अलग मानना और जो अपनेसे भिन्न है उसको अपना, सम्पूर्ण दोषों का मूल है| जो अपना नहीं है, उसको अपना मानने के कारण ही जो वास्तव में अपना है, वह अपना नहीं दीखता|
  7. परमात्माका अंश होने के नाते हम परमात्मासे अभिन्न हैं | प्रकृतिका अंश होने के नाते शरीर प्रकृतिसे अभिन्न है | जो अपने से अभिन्न है, उसको अपनेसे अलग मानना और जो अपनेसे भिन्न है उसको अपना, सम्पूर्ण दोषों का मूल है | जो अपना नहीं है, उसको अपना मानने के कारण ही जो वास्तव में अपना है, वह अपना नहीं दीखता |
  8. परमात्माका अंश होने के नाते हम परमात्मासे अभिन्न हैं | प्रकृतिका अंश होने के नाते शरीर प्रकृतिसे अभिन्न है | जो अपने से अभिन्न है, उसको अपनेसे अलग मानना और जो अपनेसे भिन्न है उसको अपना, सम्पूर्ण दोषों का मूल है | जो अपना नहीं है, उसको अपना मानने के कारण ही जो वास्तव में अपना है, वह अपना नहीं दीखता |
  9. मैंने, अधिक भूमिका ना बनाते हुए, सीधेही उनकी राय पूछ ली.... दोनोंकी आँखोंमे पानी छलछला आया....कुछ देर खामोशी छा गयी...एक ज़िंदगी मेरे आँखों के आगेभी घूम गयी...निम्मीसे बिछड़ना...मतलब अपनी औलादसे जुड़े एक अध्याय को अपनेसे जुदा कर देना... अपनी लाडली पोतियोंको से अलग होना...चाहे वो उन्हें मिलती रहें...कोई बीचका ऐसा मार्ग था, कि, जो इन नए रिश्तोंके बन जानेके बादभी, शारीरिक नज़दीकियाँ बनाये रखे? वंदन का काम इस बातमे आडे आनाही था....उससे कितनी उम्मीद रखी जा सकती थी? अभी तो उसके साथ बातभी नही हुई थी...नाही निम्मीसे...उसकी क्या प्रतिक्रया होगी?
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