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हाँ में हाँ मिलाना sentence in Hindi

pronunciation: [ ham mem ham milana ]
हाँ में हाँ मिलाना meaning in English

Examples

  1. “ सर, एक लडके के अपनी बात रखने के तुरंत बाद तो प्रोग्राम समेट ही लिया गया. ”-अजय ने मेरी हाँ में हाँ मिलाना ही उचित समझा.
  2. इससे मालूम हुआ कि ख़ुदा के नाफ़रमानों के साथ यानी काफ़िरों, बेदीनों और गुमराहों के साथ मेल जोल रिश्तेदारी सहयोग और महब्बत उनकी हाँ में हाँ मिलाना, उनकी ख़ुशामद में रहना वर्जित है.
  3. तब ठाकुर साहब ने इस विषय में पुरोहित जी की सम् मति पूछी, उन् होंने भी उस समय हाँ में हाँ मिलाना ही उचित समझा और कहा कि धर्मशास् त्रानुसार ऐसा हो सकता है ;
  4. बाहर से में एक सभ्य व्यक्ति हूँ, सबकी तरह शराफत से उठता बैठता हूँ, दुसरो के पुरे सम्मान का ख्याल रखता हूँ एवं वैसा ही व्यवहार करता हूँ, जिसकी उम्मीद वो मुझसे लगाये बैठे है, जैसे नकली मुस्कराना, लोगो की हाँ में हाँ मिलाना...
  5. बहुत से लोगों के लिए ये व्यक्त करना मुश्किल होता है कि वो क्या महसूस कर रहे है| कई बार तो उन्हें ये भी पता नहीं होता कि ये उन्हें पसन्द है या नापसन्द, तब वो बाजू वाले की तरफ देखते है कि उसकी क्या प्रतिक्रिया है क्यों कि उसकी हाँ में हाँ मिलाना उनके लिये ज्यादा आसान है|
  6. आँख मूदकर दूसरे की नकल करना, दूसरों से डरकर या बिना कारण सहमत होना (दूसरों की हाँ में हाँ मिलाना), मेंटल लेजिनेस, आत्मविश्वास की कमी, आत्महीनता आदि सब के सब स्वतन्त्र-चिन्तन के अभाव को ही दर्शाते हैं | यही मनसिक दासता दूसरे प्रकार की दासताऒ के लिये आधार का कर्य करती है |
  7. एटीकेट्स के बंधनो में, लगभग रटे रटाये जुमलों में वह अपना पक्ष रखता हर बार,बातचीत के दौरान सेलिंग स्त्रेतजी के अंतर्गत देश दुनिया, मौसम की बाते भी करनी पड़ती, यह समझते हुये भी कि सामने वाला गलत कह रहा है, उसे मुस्कराते हुये हाँ में हाँ मिलाना बहुत बुरा लगता पर डील हो जाये इसलिये सब सुनना पड़ता.
  8. एटीकेट्स के बंधनो में, लगभग रटे रटाये जुमलों में वह अपना पक्ष रखता हर बार, बातचीत के दौरान सेलिंग स्त्रेतजी के अंतर्गत देश दुनिया, मौसम की बाते भी करनी पड़ती, यह समझते हुये भी कि सामने वाला गलत कह रहा है, उसे मुस्कराते हुये हाँ में हाँ मिलाना बहुत बुरा लगता पर डील हो जाये इसलिये सब सुनना पड़ता.
  9. जो तुम्हे इसे नकारना था या ' चमचों' की तरह हाँ में हाँ मिलाना था.जिन्होंने इसे पसंद किया वे मेरे चमचे नहीं हैं...जाने माने सक्रिय ब्लॉगर्स हैं बहुत कुछ लिख सकती हूँ पर ऐसा लगेगा कि मैं कोई सफाई दे रही हूँ....और मैं तुम्हे बहुत पहले बता चुकी हूँ कि मैं अपने लिखे पर अंत तक कायम रहती हूँ....यह हास्य का पुट लिए एक रोचक संस्मरण है.अगर इसे तुम उस नजरिये से नहीं देख सकते...कोई बात नहीं...बहुत कुछ है ब्लॉगजगत में पढने को...पढो और एन्जॉय करो....शुभकामनाएं
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