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एक ही विचारधारा के sentence in Hindi

pronunciation: [ ek hi vicaradhara ke ]
एक ही विचारधारा के meaning in English

Examples

  1. उसे भ्रम रहता है कि वह किसी विचारधारा के पक्ष में मतदान कर रहा है या फिर एक ही विचारधारा के विभिन्न प्रतिनिधियों के बीच किसी एक को सत्ता सौंपने के लिए मतदान कर रहा है।
  2. ये जान बूझ कर पूरी दुनिया से एक ही विचारधारा के लोगों को एक साथ करके इण्टरनेट जैसे माध्यम से फैलायी जा रही साम्प्रदायिक साजिश है, जो मेरे ब्लोग पर बैन लगाने के बाद पूरी दुनिया मे नंगी हो चुकी है ।
  3. अमर शहीद के प्रति मेरे मन में ऐसा कुछ भी नहीं है, मगर मुझे लगता है कि उनके दो निष्ठावान दोस्तों जो एक ही विचारधारा के थे और साथ जिए साथ मरे, उन्हें उनके हिस्से की प्रसिद्धि नहीं मिली जो उन्हें मिलनी ही चाहिए थी!
  4. एकनाथराव खड़से ने बताया कि ताप्ती नदी पर बांध बनाकर पानी रोकना खानदेश और निमाड़ दोनो क्षेत्रों के हित में हैं, किन्तु मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में एक ही विचारधारा के राजनीतिक दलों की सरकार जब तक नहीं बनेगी, तब तक इस पर क्रियान्वयन संभव नहीं हो सकेगा।
  5. पूंजीवादी विचारधारा का तेजी के साथ विस्तार भूमंडलीकरण की योजना लागू होने के बाद ठीक उसी तरह से हाल के वर्षो में हुआ जैसे भाजपा की जगह 1984 में कांग्रेस ने बहुत अधिक संसदीय सीटें हासिल कीं और लगा कि एक ही विचारधारा के दो बड़े प्रतिनिधि तैयार हो गये।
  6. हैदराबाद विस्ंफोट के विषय में कुछ लोगों का मानना है कि चूंकि इन विस्ंफोटों की प्रकृति नांदेड़, मालेगांव तथा दिल्ली की जामा मस्जिद में हुए विस्ंफोटों से मेल ¹ ाती है लिहांजा यह सभी विस्ंफोट एक ही संगठन या एक ही विचारधारा के आतंकियों द्वारा किए गए प्रतीत होते हैं।
  7. ' ' आज जब साहित्य में गलाकाट राजनीति, अविश्वास और विद्रूपता का माहौल है-जब एक ही विचारधारा के तीन साहित्यकार तीन वर्षों तक एक साथ नहीं चल पाते तब अलग-अलग विचारधारा के लखनऊ की त्रिमूर्ति-यशपाल, अमृतलाल नागर और भगवती चरण वर्मा की याद एक सुखद अनुभूति प्रदान करती है.
  8. आपने अरुन्धति राय, गौतम नवलखा और डॉ. विनायक सेन के लेख पढे होंगे? ” यह पढ़ कर समझ नहीं आता कि सिर पीटा जाये या बस हँस कर रह जाये? ये लिये गये नाम इकहरे हैं और एक ही विचारधारा के द्योतक हैं जो स्वयं राजेन्द्र यादव की भी है।
  9. यूं तो पक्ष और विपक्ष के बीच मनमुटाव, मतभेद होना कोई हैरानी वाली बात नहीं है लेकिन जब बात भारत की राजनीति से जुड़ी हो तो यह और भी अधिक अपेक्षित सा लगता है क्योंकि सत्ता और विपक्ष कभी एक ढर्रे पर रहकर या एक ही विचारधारा के साथ आगे नहीं बढ़ सकते.
  10. लेकिन जब जनलोकपाल मसौदा कमेटी बनी और सरकार के न्यौते पर उसमें समाज के पांच प्रतिनिधियों की कुर्सियों पर अन्ना के ही पांच साथी सवार हो गए तो हमने उनके फैसले को गांधीवाद विरोधी इसलिए माना कि पहले से एक ही विचारधारा के चले आ रहे पांच लोगों की टोली पूरे भारतीय समाज का प्रतिनिधि कैसे हो सकती है?
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