सूझ-बूझ के साथ sentence in Hindi
pronunciation: [ sujh-bujh k saath ]
"सूझ-बूझ के साथ" meaning in English
Examples
- जोइंट वर्किंग ग्रुप (एक समलैंगिक लॉबी संगठन) ने ज़ूमा के नेतृत्व कौशल पर सवाल उठाया और कहा कि एक “सच्चा नेता बुद्धि और सूझ-बूझ के साथ शासन करता है-लोकप्रियता या पक्ष पात से नहीं.
- दादी के मन में अज्ञानता का निवास था, जिसे सूझ-बूझ के साथ हटाया जा सकता था! अनुराधा ने जूठा पानी पीकर दादी के प्रति आक्रोश ज़ाहिर किया है! यह कार्य भावुकता से भरा हुआ है.
- उसी आयोजन को हथिया कर नयी व्यावसायिक सूझ-बूझ के साथ जयपुर साहित्य समारोह नींव रखी गयी और धीरे-धीरे जयपुर विरासत फ़ाउण्डेशन तो महज़ एक स्टाल में सिमट गयी, जबकि डिग्गी पैलेस पर नवधनाड्य सांस्कृतिक आयोजकों का क़ब्ज़ा हो गया.
- जोइंट वर्किंग ग्रुप (एक समलैंगिक लॉबी संगठन) ने ज़ूमा के नेतृत्व कौशल पर सवाल उठाया और कहा कि एक ” सच्चा नेता बुद्धि और सूझ-बूझ के साथ शासन करता है-लोकप्रियता या पक्ष पात से नहीं.
- उसी आयोजन को हथिया कर नयी व्यावसायिक सूझ-बूझ के साथ जयपुर साहित्य समारोह नींव रखी गयी और धीरे-धीरे जयपुर विरासत फ़ाउण्डेशन तो महज़ एक स्टाल में सिमट गयी, जबकि डिग्गी पैलेस पर नवधनाड्य सांस्कृतिक आयोजकों का क़ब्ज़ा हो गया.
- तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इस समिति को विभाग विशेष द्वारा अनियमितता बरतने की स्थिति में मुआवजे और सजा के प्रावधानों को सूझ-बूझ के साथ परिभाषित करना होगा, ताकि समस्याओं का तीव्र और ठोस समाधान हो सके.
- इसी से जहाँ एक ओर वे तुलसी के कृतित्व को लेकर वे कुछ काम की बातें कह सकते हैं, वहीं दूसरी ओर वे विद्यापति के प्रति अपनी रीझ-बूझ को पाठक के लिए नये सिरे से, नई सूझ-बूझ के साथ सार्थक और उत्तेजक बना सके हैं।
- मुख्यमंत्री ने कहा कि आम जनता के जीवन में इन योजनाओं का व्यापक और सकारात्मक असर हुआ है, लोगों के जीवन स्तर में बदलाव आया है, जिसे जनसम्पर्क विभाग के मैदानी अधिकारी कल्पनाशीलता और सूझ-बूझ के साथ अपने दिन प्रतिदिन के समाचारों के माध्यम से समाज के सामने बेहतर ढंग से प्रस्तुत कर सकते हैं।
- हेम चंद्र जोशी, इला चंद्र जोशी, बद्री विशाल पित्ती, अज्ञेय, धर्मवीर भारती, रघुवीर सहाय, बाल कृष्ण राव, रामानंद दोषी, कमलेश्वर, मनोहर श्याम जोशी, नारायण दत्त, चंद्रगुप्त विद्यालंकार जैसे साहित्यकारों ने आज़ादी के बाद की हिन्दी पत्रकारिता को अपनी साहित्यिक सूझ-बूझ के साथ संवारा.
- इसलिए यह आवश्यक है कि सभी उपभोक्ता इन अधिकारों कीजानकारी रखें और वस्तु की खरीददारी करते समय अपने अधिकारों का इस्तेमालकरते हुए खरीददारी करें यही उपभोक्ता-जागृति होगी कि वे चीजें खरीदते समयऐसे ही चीजें नहीं खरीद लें; पर वस्तु की जानकारी और अपने अधिकारों कीजानकारी रखते हुए उनका इस्तेमाल करते हुए सूझ-बूझ के साथ खरीददारी करें.