लेसदार sentence in Hindi
pronunciation: [ lesedaar ]
"लेसदार" meaning in English "लेसदार" meaning in Hindi
Examples
- अब आधा बड़ा चम्मच बादाम रोगन में 2 बड़े चम्मच पिसे हुए बादाम मिलाकर इसे बोरेक्स पाउडर तथा बेल के बीजों वाले लेसदार लेप में मिलाकर क्रीम बना लें।
- तो सरजी हनने तो डिसाइड किया है कि हमारी बिलबिलाते रोगाणुओं से लबालब लेसदार मोटी बलगम की पिचकारियां पच्च पच्च कररेंगी ही! हमारी मर्दानगी, आज़ादी, लोकतंत्र और बलगम के लोथडे उगलना-उडाना....
- लेसदार श्लेष्मा युक्त दस्त होना, यकृत में दर्द होना, आंखें पीली होना या मुंह से बदबू आना आदि लक्षण रोगी में हों तो ऐसी अवस्था में उपचार करने के लिए मर्क-सोल औषधि की 6 शक्ति का प्रयोग करना चाहिए।
- तो सरजी हनने तो डिसाइड किया है कि हमारी बिलबिलाते रोगाणुओं से लबालब लेसदार मोटी बलगम की पिचकारियां पच्च पच्च कररेंगी ही! हमारी मर्दानगी, आज़ादी,लोकतंत्र और बलगम के लोथडे उगलना-उडाना....हमें तो सब एक सा ही लगता है जी!!
- तो सरजी हनने तो डिसाइड किया है कि हमारी बिलबिलाते रोगाणुओं से लबालब लेसदार मोटी बलगम की पिचकारियां पच्च पच्च कररेंगी ही! हमारी मर्दानगी, आज़ादी,लोकतंत्र और बलगम के लोथडे उगलना-उडाना....हमें तो सब एक सा ही लगता है जी!!
- रोगी के पेट में तेज दर्द होता है, लेसदार उल्टी आती है, अधिक ठंड लगती है, मुंह में पानी भर आता है, जलन युक्त दर्द होता है और वह ऊपर की ओर बढ़ती है, कड़वी और खट्टी डकारें भी आती हैं।
- (7) गाय का दूध गाय का दूध मीठा, शीतल, मृदु (स्पर्श में कोमल), स्त्रिग्ध (चिकनाई), श्लक्षण (चिकना), गाढ़ा लेसदार, भारी (देर से पचने वाला), मन्द, पवित्र इन दस गुणों से युक्त होता है।
- नाक से सम्बंधित लक्षण-नाक की जड़ का भारी सा महसूस होना, नाक की जड़ पर दबाव पड़ना, पुराना सर्दी-जुकाम होने पर नाक से गोन्द की तरह लेसदार सा स्राव होना जो नाक के द्वारा गले में पहुंच जाता है आदि लक्षणों के आधार पर सिनाबेरिस औषधि का सेवन काफी लाभप्रद रहता है।
- पुरुष रोगों से सम्बंधित लक्षण-किसी व्यक्ति को सूजाक (गिनोरिया) रोग के लक्षण नज़र आने पर, सूजाक रोग के दौरान लिंग में से पीले रंग का लेसदार स्राव का आना, अण्डकोषों में सूजन का आना, ग्लीट आदि लक्षणों में रोगी को काली सल्फ्यूरिकम औषधि का सेवन कराना लाभकारी रहता है।
- खांसी बार-बार परेशान करती हो, कफ निकलने में कष्ट हो, कफ गाढ़ा व लेसदार हो गया हो, इस अवस्था में या न्यूमोनिया की अवस्था में आधा ग्राम अपामार्ग क्षार व आधा ग्राम शर्करा दोनों को 30 ग्राम गर्म पानी में मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से 7 दिन में बहुत ही लाभ होता है।