लाल वर्ण sentence in Hindi
pronunciation: [ laal vern ]
"लाल वर्ण" meaning in English
Examples
- और वही आप यदि भक्त, साधु, सज्जन पुरुष का सौम्य शुभ्र, पीत या लाल वर्ण के कपड़े पहनेंगे तो आपका प्रभाव भावनायें अति उत्तम होगी।
- दूसरी बात ये भी है कि कुता लाल वर्ण का है इसलिए वह सूर्य / अग्नि का प्रतीक है, जो हर हाल में शुद्ध व शुद्धि करने वाला होता है.
- दान हेतु वस्तुएं: गेहूं, लाल चंदन, गुड़, लाल पुष्प, लाल वस्त्र, घी, लाल वर्ण की गाय, सुवर्ण, माणिक्य, ताम्र पात्र, नारियल, लाल फल, मिष्ठान, दक्षिणा आदि।
- पिछले दिनों पंडित सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी की नव-प्रकाशित पुस्तक ‘ ज्योतिष दर्शन ' अध्ययनार्थ सुलभ हुई, 110 पृष्ठों की इस पुस्तक का बाह्य कलेवर अपनी लाल वर्ण पृष्ठभूमि और श्वेत वर्णी अक्षरों के चलते आकर्षक बन पड़ा है!
- रसनरुद्रो कायारिभीतम दद्याद आहुर्तन्त्रा वितनतुह ” महानुभाव ने जो इसकी व्याख्या दी उसके अनुसार लाल वर्ण के पुष्प से भरे अश्वगंधा पादप को पद्म रेखा अंकित ऊंगली क़ी सहायता से रविवार को गोधूली वेला में ज़मीं से उखाड़ कर छ बार ऊष्ण जल में डुबाकर निकाला जा य.
- तारीख 4 को मंगल मिथुन राशि में 25 घंटा 13 मिनट पर प्रवेश करने से रुई, गुड़, चीनी, अलसी, अफीम, कॉपर, लालमिर्च, कालीमिर्च, ग्वार, किशमिश, छुहारा, अन्य लाल वर्ण के जिंस धातुओं में व्यापक तेजी बन सकती है।
- तारीख 17 को शुक्र, सिंह, राशि, में 17 घंटा 19 मिनट पर प्रवेश करने से सोना, कॉपर, जौ, चना, गेहूं, मजीट, लालमिर्च, कालीमिर्च, लाल वर्ण के जिंस धातु, घृत, रसकस पदार्थ, पशुचारा में व्यापक तेजी।
- न्न होने वाले तथा जंगल में संचार करने वाले पशु-चीतल, हिरण, शरभ (ऊंट के सदृश बड़ा और आठ पैर वाला, जिसमें चार पैर पीठ पर होते हैं-ऐसा मृग), चारुष्क (हरिण की जाति) लाल वर्ण का हरिण, एण (काला हिरण) शम्बर (हिरण भेद) वरपोत (मृग भेद), ऋष्य आदि जंगली मृग।
- भावार्थ:-(वे सोचते जाते थे-) मैं जाकर भगवान् के कोमल और लाल वर्ण के सुंदर चरण कमलों के दर्शन करूँगा, जो सेवकों को सुख देने वाले हैं, जिन चरणों का स्पर्श पाकर ऋषि पत्नी अहल्या तर गईं और जो दंडकवन को पवित्र करने वाले हैं॥ 3 ॥
- यह मूल्यवान विचार किसी भी उपासना की तुलना में सबसे अधिक हज में अपने व्यवहारिक रंग में दिखता है कि जहां भौगोलिक सीमाओं का कोई महत्व नहीं रह जाता और श्वेत, श्याम, पीले, और लाल वर्ण के लोग चाहे विद्वान हों या अनपढ़, शक्तिशाली हों या कमज़ोर सबके सब एक सादे वस्त्र में मतभेदों से दूर हाजियों के रूप में ईश्वर के अतिथि होते हैं।