लाला जगत नारायण sentence in Hindi
pronunciation: [ laalaa jegat naaraayen ]
Examples
- विकिपीडिया में जाकर सब आप सब कुछ देख सकते हैं कि कैसे लाला जगत नारायण ने एक कांग्रेसी बनारसी लाल को वादामाफ गवाह बना कर देश के वीर सपूतों को असमय चिर निद्रा में सुला दिया था.
- विकिपीडिया में जाकर सब आप सब कुछ देख सकते हैं कि कैसे लाला जगत नारायण ने एक कांग्रेसी बनारसी लाल को वादामाफ गवाह बना कर देश के वीर सपूतों को असमय चिर निद्रा में सुला दिया था.
- उस समय “ पंजाब केसरी ” समाचार पत्र के लाला जगत नारायण ने अपने पत्र के माध्यम से लड़ाई लड़ी, वे आतंकियों की गोली का शिकार हुए, लेकिन उनका पत्र अपनी लड़ाई में पीछे नहीं हटा।
- कैसी खबर? हँसते रहो: यही कि आपने अभी हाल ही में अपनी स्पिनिंग मिल लाला जगत नारायण के मंझले बेटे ' सीता नारायण ' को ' नकद नारायण ' याने के हार्ड कैश के बदले में बेच दी है।
- प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि आज की पीढ़ी के पत्रकारों को अमर शहीद लाला जगत नारायण की तरफ से डाले गए पदचिन्हों पर चल कर पत्रकारिता के क्षेत्र में आम जनता के हित के लिए पहरा देना चाहिए।
- इस अवसर पर उन् होंने कहा कि लाला जगत नारायण जी हमारे देश के एक महान सपूत थे, वह एक बहादुर स् वतंत्रता सेनानी, एक निडर पत्रकार और कुशल सांसद थे, उनकी राष् ट्रभक्ति हमें हमेशा प्रेरणा देती रहेगी...
- असल में जब स्व. लाला जगत नारायण ने उर्दू के दौर में हिंदी का अखबार पंजाब केसरी लांच किया तब शायद किसी ने सोचा भी न होगा कि इस अहिंदी क्षेत्र से देश का सबसे अधिक बिकने वाले हिंदी के अखबार का रुतबा पंजाब केसरी ही पा जाएगा।
- १२ जून, १९८३ को हुई सभा में श्रीठेकेदार ने लाला जगत नारायण और पुलिस उप-महानिरीक्षक श्री अटवाल की हत्याओं केलिए दल खालसा के जिम्मेदार होने का दावा किया और इस बात के लिए चेतावनी दी किअकाली मोर्चा के दौरान सिखों की मौत के लिए पुलिस अधिकारियों से इसी तरह वदलालेंगे.
- १२ जून, १९८३ को हुई सभा में श्रीठेकेदार ने लाला जगत नारायण और पुलिस उप-महानिरीक्षक श्री अटवाल की हत्याओं केलिए दल खालसा के जिम्मेदार होने का दावा किया और इस बात के लिए चेतावनी दी किअकाली मोर्चा के दौरान सिखों की मौत के लिए पुलिस अधिकारियों से इसी तरह वदलालेंगे.
- जब भिंडरावाला पर लाला जगत नारायण के कत्ल का केस बना तो चंदोकलां (हरियाणा) से पंजाब पुलिस के हाथ से बचाने के लिए हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री भजन लाल का इस्तेमाल करके सरकारी कार द्वारा संत को मैहता चौक के गुरुद्वारा गुरदर्शन प्रकाश में पहुंचाया गया जो दमदमी टक्साल का हैडक्वार्टर था।