मुग़ल शासन sentence in Hindi
pronunciation: [ mugael shaasen ]
Examples
- यदि भारतीय दंड संहिता (आई. पी. सी.) की उत्पत्ति पर ध्यान दें तो देख जाता है की मुग़ल शासन काल में हिन्दू अधिनियमों को लागु करने के लिए “ शरिया ” की व्यवस्था थी.
- खाप पंचायतो का इतिहास बहुत पुराना है और ये महाभारत काल से लेकर रामायण काल और उसके बाद मुग़ल शासन का सफ़र करते हुए अब इस इकिस्वी सदी (कलयुग) के समाज में अपने वजूद के साथ आज भी कायम है!
- एक फ्रेम में औरंगजेब का शाही फरमान मढ़ा हुआ सुरक्षित है, जिस पर अंग्रेजी राज्य में खास कार्यवायी नहीं हुयी | आजादी के बाद कुछ सरकारी सहायता मिली, लेकिन अपर्याप्त | मुग़ल शासन के बाद इस मंदिर के अच्छे दिन नहीं लौटे |
- मुग़ल शासन के आरंभ से अब किसी बाहरी शत्रु का इस देश पर आक्रमण नहीं हुआ था ; किंतु उस काल में दिल्ली की शासन − सत्ता इतनी दुर्बल हो गई थी, कि ईरान के एक महत्वाकांक्षी लुटेरे शासक नादिरशाह ने भारत पर आक्रमण करने का साहस किया था।
- भारत में जहाँ कहीं भी प्राचीन भवनों एवं स्थलों पर मुग़ल शासन काल में इस्लामी तख्तियां लगाई गयीं, उन सब को मुस्लिमों के अधिकार में दे दिया गया था, फलस्वरूप, तःमहल प्रांगण के अनेक भवन, फतहपुर सीकरी के भवन, तथा आगरा के अनेक ऐतिहासिक भवनों पर मुसलामानों का अधिकार है.
- एक स्थान पर मैं ने यह भी पढ़ा है कि यह भी माना जाता है कि सूफी संत शेख चिल्ली ने ही भारत में सबसे पहले मुग़ल शासन की समाप्ति की भविष्यवाणी की थी और उन्होंने दारा शिकोह को सलाह दी थी कि जो भी काम करने हैं अपने जीवन में कर लो...
- भारत में जहाँ कहीं भी प्राचीन भवनों एवं स्थलों पर मुग़ल शासन काल में इस्लामी तख्तियां लगाई गयीं, उन सब को मुस्लिमों के अधिकार में दे दिया गया था, फलस्वरूप, तःमहल प्रांगण के अनेक भवन, फतहपुर सीकरी के भवन, तथा आगरा के अनेक ऐतिहासिक भवनों पर मुसलामानों का अधिकार है.
- इतिहास पढ़ने वाले जानते हैं कि मुग़ल शासन के अवनति के वर्षों में जब उनके पास सिपाहियों को उनका वेतन देने के लिए भी पैसे नहीं होते थे तो ऐसे एक मौक़े पर मुग़ल बादशाह आलमगीर दोयम ने भी भूख हड़ताल की थी ताकि इमादुलमुल्क द्वारा जनता पर लगाये गए मनमाने कर को वापस लिया जाय।
- इतिहास पढ़ने वाले जानते हैं कि मुग़ल शासन के अवनति के वर्षों में जब उनके पास सिपाहियों को उनका वेतन देने के लिए भी पैसे नहीं होते थे तो ऐसे एक मौक़े पर मुग़ल बादशाह आलमगीर दोयम ने भी भूख हड़ताल की थी ताकि इमादुलमुल्क द्वारा जनता पर लगाये गए मनमाने कर को वापस लिया जाय।
- सम्भा जी महराज क़ा बलिदान मराठो की प्रतिकार भावना क़े लिए अत्यंत प्रेरणादायक सिद्ध हुआ, सम्भा जी क़े इस वीरोचित धर्माभिमानी मृत्यु का समाचार जंगल में आग क़े समान पूरे मराठा में फ़ैल गयी और मुग़ल शासन क़े लिए अंतिम कील साबित हुई पूरा भारत खड़ा हो गया अंत में तो मुग़ल केवल दिल्ली की सीमा क्षेत्र तक ही रह गए थे.