मिशेल फूको sentence in Hindi
pronunciation: [ mishel fuko ]
Examples
- इसी प्रसंग में मिशेल फूको ने व्यक्ति के शरीर के नियमन और अनुशासित करने की प्रक्रियाओं को विस्तार से बताया है कि आधुनिककाल आने के बाद व्यक्ति के शरीर को किस तरह नए किस्म के अनुशासन, आदतों,संस्कार और नियमों में बांधा गया।
- कोई रोलां बार्थ का व्यापार शुरू कर देता है तो कोई लाकां का, कोई मिशेल फूको के नाम पर मिलावट का माल बेचना शुरू कर देता है तो कोई देरिदा के ब्रांड का ठप्पा लगाके अपनी जुगाली को उत्तर-आधुनिक बना देता है।
- बोर्जेस से लेकर सलमान रुश्दी, ओरहान पामुक, जॉर्ज ऑरवेल, एल्डस हक्सले, हरमन हेस, रोनाल्ड इंडेन के अलावा मिशेल फूको, देरिदा और एडवर्ड सेड जैसे दार्शनिकों की किताबें बाबा ने पढ़ी हैं और फिर उनकी वकालत की है.
- इसी प्रसंग में मिशेल फूको ने व्यक्ति के शरीर के नियमन और अनुशासित करने की प्रक्रियाओं को विस्तार से बताया है कि आधुनिककाल आने के बाद व्यक्ति के शरीर को किस तरह नए किस्म के अनुशासन, आदतों, संस्कार और नियमों में बांधा गया।
- मिशेल फूको ने ' दि हिस्ट्री ऑफ सेक्सुअलिटी ' के तीसरे खण्ड 'दि केयर ऑफ दि सेल्फ' के पहले भाग में “ड्रीमिंग ऑफ अन प्लेजर” में आर्मिताज की रचना के संदर्भ में जो सवाल उठाते हैं,वे काफी हद तक कामसूत्र की धारणाओं से मेल खाते हैं।
- मिशेल फूको ने “ डिसप्लिन एंड पनिश ” (1975) में विस्तार से यह बात रेखांकित की है कि जेल प्रणाली से अपराधों में कमी नहीं आई है बल्कि अपराधी ज्योंही जमानत पर छूटते थे वे पहला केस खत्म होने के पहले फिर जेल में आ जाते थे।
- हाइडेगर से लेकर मिशेल फूको तक बहुत सारे दार्शनिकों ने इतिहास की पूरी धारणा पर जिस संरचनात्मक दबाब को दिखाया है उसमें यही बात प्रधान है कि काल विशेष में प्रभावी सोच पद्धति (मचपेजमउम) ही वह प्रभावी माध्यम है जो हमें विशेष तरह से सोचने के लिए बाध्य करता है।
- आत्मकथाएं पहले भी लिखी जाती थीं, पर ये समीक्षक भूल जाते हैं कि स्वतंत्रा विधा के तौर पर आत्मकथा ने रचनात्मकता के दरवाजे पर अपनी दस्तक उस जमाने में दी जब रोलां बार्थ और मिशेल फूको जैसे उत्तर आधुनिक चिन्तकों ने ÷ लेखक की मृत्यु' का उद्घोष कर दिया।
- विषय पर शोध किया है इनकी कविताऐं एवं आलेख हिन्दी की सभी प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में छप चुके हैं इन्होंने समकालीन चिन्तकों यथा टेरी ईग्लटन, फ्रेडरिक जेम्सन, नोम चॉम्स्की, मिशेल फूको इत्यादि के आलेखों का हिन्दी अनुवाद किया है कविता के लिए इन्हें २००८ का प्रतिष्ठित भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार मिला है।
- हाइडेगर से लेकर मिशेल फूको तक बहुत सारे दार्शनिकों ने इतिहास की पूरी धारणा पर जिस संरचनात्मक दबाब को दिखाया हे उसमें यही बात प्रधान है कि काल विशेष में प्रभावी सोच-पद्धति (ड्ढद्रत्द्मद्यड्ढथ््रठ्ठ) ही वह प्रभावी माध्यम है जो हमें विशेष तरह से सोचने के लिए बाध्य करता है।