भारत का बंटवारा sentence in Hindi
pronunciation: [ bhaaret kaa bentevaaraa ]
Examples
- 62 साल में ही भारतीय लोकतंत्र की यह दुर्दशा होगी, यदि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को इस बात का आभास होता तो शायद ही वे जंग-ए-आजादी के मैदान में कूदते! आजादी के बाद भारत का बंटवारा लोकतंत्र की दुर्दशा की शुरुआत थी।
- भारत का बंटवारा कराने के लिए नेहरू दोषी थे या फिर जिन्ना? जिन्ना हिंदू विरोधी थे या नहीं? सारे मुसलमानों को पाकिस्तान न भेजने का फैसला सही था या गलत? इस बात को अब 62 साल हो चुके हैं।
- मोंटगोमरी शहर, साथ ही इसी नाम का जिला प्रधान रूप से पंजाब के मुस्लिम बहुल इलाकों में आ गया, तथा यहां के हिन्दू तथा सिक्खों पर मुस्लिम कट्टरपंथियों द्वारा प्राणों का भय स्थापित हो गया, विशेष रूप से जब अगस्त 1947 में जब भारत का बंटवारा हुआ तथा पाकिस्तान का जन्म हुआ.
- मोंटगोमरी शहर, साथ ही इसी नाम का जिला प्रधान रूप से पंजाब के मुस्लिम बहुल इलाकों में आ गया, तथा यहां के हिन्दू तथा सिक्खों पर मुस्लिम कट्टरपंथियों द्वारा प्राणों का भय स्थापित हो गया, विशेष रूप से जब अगस्त 1947 में जब भारत का बंटवारा हुआ तथा पाकिस्तान का जन्म हुआ.
- मीडिया में भी जो कुछ आया है, उसके आधार पर यह कहा जा सकता है कि मोटे तौर से जसवंत सिंह का कहना यह है कि अगर जवाहरलाल नेहरू और सरदार पटेल ने कैबिनेट मिशन के प्रस्तावों के बारे में कुछ शांति और धैर्य से सोचा होता तो भारत का बंटवारा टल सकता था।
- एक अहम कारण और भी था, देश के बटवारे का एक मात्र कारण गाँधी और नेहरू की सत् ता की लालच थी, गाँधी यह जानता था कि यदि प्रधानमन् त्री जिन् ना बना तो उसकी कद्र नहीं रह जाएगी, नेहरू भी गौड हो जाएगा इसलिये गाँधी ने नेहरू का प्रधानमन्त्रित् व बचाये रखने के कारण भारत का बंटवारा स् वीकार किया ।
- हम गुलाम थे और हम आजाद हुए, गुलामी में हमारा देश कैसा था और अंग्रेजों के अत्याचार, देश के लोगों की मजबूरियां, जलियावाला बाग, भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, बाल गंगाधर तिलक, शास्त्री जी, नेहरू जी और भारत को गांधी ने आजाद कराया, भारत का बंटवारा, भाखड़ा नंगल बांध और विकास के इतने सारे इंतजा म..
- इसके पहले कि संविधान सभा अपने निर्धारित कार्यक्रम संघीय भारत का संविधान बनाने का कार्यक्रम पूरा करती ३ जून १ ९ ४ ७ को भारत का बंटवारा मंजूर कर लिया गया और भारत के बंटवारे को पुरा करने के लिए ब्रिटिश संसद ने “ भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम-१ ९ ४ ७ ” को पास करके १ ५ अगस्त १ ९ ४ ७ को इण्डिया-पाकिस्तान के रूप में दोनों को अर्धराज्य (dominion) घोषित कर दिया