प्रतापगंज sentence in Hindi
pronunciation: [ pertaapeganej ]
Examples
- विनाशकारी बाढ़ के चपेट में आये मानव जीवन को सहायता करने के लिए गम्हरिया के नव अंतरजातीय युवा संगठन के कार्यकर्ता बाढ़ राहत एवं भोज्य सामग्री को लेकर वीरपुर और प्रतापगंज के लिए कूच कर गये।
- प्रतापंगज बाजार स्थित भारतीय स्टेट बैंक शाखा प्रतापगंज से सरकार की कल्याणकारी योजना ' फसल बीमा योजना' का लाभ किसान क्रेडिट कार्डधारी कृषकों को न दिये जाने से प्रखंड के हजारों किसानों में आक्रोश व्याप्त है।
- भिवानी, मुख्य संवाददाता: कोसी के कहर से जूझ रहे बिहार के जिला सुपोल के गांव प्रतापगंज व बलवा बाजार के जनजीवन को सामान्य बनाने के लिए भिवानी जिला प्रशासन ने गोद लेने का निर्णय लिया है।
- (6) सुपौल के सात थानों के अन्दर सिर्फ सुपौल और थरबिट्टा के सिवाय शेष पांच थानें (भीमनगर, प्रतापगंज, डगमारा, त्रिवेणीगंज, छातापुर) के लोगों को मधेपुरा होकर ही सहरसा जाना पड़ता है।
- यह बिहार में ही संभव है कि दिल्ली का पटपड़ गंज प्रतापगंज हो जाए तो यहां एक उद्यमी डॉक्टर बी डी सिंह का रिश्ता भाजपा खाता के पूर्व मंत्री और विधान परिषद सदस्य अवधेश नारायण सिंह से जोड़ा गया ।
- सुपौल जिले के बीरपुर, बसंतपुर, प्रतापगंज, अररिया जिले के बथनाहा और छातापुर, मधेपुरा जिले के कुमारखंड, जदिया, ग्वालपाड़ा, मुर्लीगंज, सिघेंश्वर, उदाकिशुनगंज प्रखंड के लगभग दो सौ गांव नेस्तनाबूद हो गये हैं।
- प्रशासन का कहना है कि सुपौल ज़िले के छापातुर, त्रिवेणीगंज, प्रतापगंज और वीरपुर में, मधेपुरा ज़िले के कुमारखंड, चौसा, आलमनगर और ग्वालपाड़ा, सहरसा के सौर बाज़ार और सोनवर्षा और अररिया ज़िले के कई स्थानों पर अभी भी भारी संख्या में लोग फँसे हुए हैं.
- ऑक्सफाम इण्डिया की मुख्या कार्यकारी अधिकारी सुश्री निशा अग्रवाल का कहना है कि ऑक्सफाम, बाढ़ से सौपाल जिले के सबसे ज्यादा प्रभावित दो विकास खंडों-बसंतपुर और प्रतापगंज-के २ ०, ००० लोगों को सहायता पहुँचाने की तैयारी कर रही है।
- पूर्व मध्य रेलवे के जनसंपर्क पदाधिकारी एं एनं चन्द्रा ने शनिवार को आईएएनएस को बताया कि सहरसा-बनमनखी रेलखंड के बनमनखी रेलवे स्टेशन तथा सहरसा-राघोपुर रेलखंड के सहरसा व फारबिसगंज रेलवे स्टेशनों के बीच पड़ने वाले प्रतापगंज और ललितग्राम रेलवे स्टेशनों पर बाढ़ का पानी भर गया है।
- बलुआ, बिसनपुर, वीरपुर, चैनपुर, छातापुर, प्रतापगंज आदि इलाकों में जहाँ दूर-दूर तक अट्टहास करती कोसी की जलधार के बीच मौत नाच रही है, लील रही है, विगत १ ८ अगस्त से हजारों जिंदगियां एक अंतहीन आस की डोर को पकड़े घिसट रही हैं।