प्रकाश-पुंज sentence in Hindi
pronunciation: [ perkaash-punej ]
"प्रकाश-पुंज" meaning in English
Examples
- बहु-दिशा-स्थित पथ-निर्देशक स्थलों की और मैं स्वभावत: आकर्षित हुआ | प्रचंड प्रकाश-राशि से उन्मीलित मेरे नेत्रों ने अपना स्वाभाविक धर्म छोड़ दिया | मैंने उस प्रकाश-पुंज में पथ-शोधन करना चाहा | देखा-प्रकाश के बाह्य आवरण से आच्छादित अंधकार घनीभूत होकर बैठा है | कारण? अंतर्वेदना की चिंगारी बहुत पहले ही नि: शेष हो चुकी थी |
- आदरणीय विनीता जी नमस्कार, आज देश के सामने, आजादी के इतने वर्षो बाद भी बहुत ही भयावय परिस्थियां उठ खड़ी हुई हैं, ऐसे अंधकारमय वातावरण में आपकी यह रचना मानो अन्धकार में प्रकाश-पुंज के सद्रश्य ही है, देश में उपजी अनेकानेक भीषण परिस्थियों का सामना जनता को अपनी आँखों व् सोच को खुली रखकर करना होगा, न कि गांधारी की भांति जान कर भी आँखें बंद करके … बहुत ही सुन्दर भावपूर्ण रचना, वधाई..
- वह प्रकाश-पुंज भला यह कैसे सहे, प्रियपुत्र का जीवन तम में रहे? फिर रचा ज्ञान, तम हरने को पीड़ा-पतन से मनुज को उबरने को | कुछ समझ सके, कुछ ना समझे, जो समझे, संग बेपरवाह खूब जले | हुआ ‘ दीप-तूफाँ ' में युद्ध प्रचंड, पीछे ना हटे वो, हुए खंड-खंड | जब लेने को थे वो आखरी सांस, देखा फ़ैली सूरज की लाली थी, वो रात बड़ी मतवाली थी | नयी आज पुनः एक ‘ दीवाली ' थी |