नांच sentence in Hindi
pronunciation: [ naanech ]
"नांच" meaning in English
Examples
- जो व्यक्ति अपने आप को एहम मान लेता है उसका विकास रुक जाता है जो अपने यार दोस्तों, अपने बहुत अपनों की उपलब्धि पर गौरवान्वित नहीं हो सकता उनके गुणों को पहन बिछा, ओढ़ कर उसके गुणगान में नांच नहीं सकता वह बहुत अभागा है.
- अफ़्रीकी शब्द “जूक ”का अर्थ होता है-डांस यानी नांच / नृत्य.दक्षिण के प्रान्तों में जूक जोइंट्स (रोड साइड बार्स)शराब घर होते थे जहां अफ़्रीकी अमरीकी मनोरंजन के लिए जाते थे.यहाँ जूक बोक्स का चलन था.जूक बोक्स नाम कारन का भी यही कारण रहा ।
- एक कथा है तकरीबन सूखा पड़ने को था फिर भी किसान के बेटों ने हल चलाया, मोर भ्रमित हुआ बिन बदरा के हल जोत रहें हैं किसान पुत्र चल तू भी नांच बिन बदरा, बादल बोला अब तू भी बरस कर्म कर प्रेरणा ले किसान पुत्रों से।
- इक नए प्रयोग से रहे थे खुद को जांच, डरते डरते पहली चिट्ठी यूँ रहे थे बांच, खूब मिली शाबाशी, चटके लगे कुल पांच, झाजी का मन मयूर रहा,,बिन बदली के नांच तो सोच लिए अब ऐसे ही पोस्टवा सबको जांचेंगे, जब भी मिला मौका, हम रोज चिट्ठिया बांचेंगे..
- घटना के बाद भाजपा के प्रदर्शन में तेवर गायब थे आक्रोषित मन किसी भी गाने पर मुस्कुराते हुए नांच नहीं सकता चेहरे और शारीरिक हाव भाव किन्ही विशेष आयोजनों का संकेत देते हैं तो क्या राजनैतिक नफा नुक्सान का आंकलन कर इस लाठी चार्ज के लिए विपक्ष की मौन सहमति थी.
- मगर यह प्रयास इस मायने में अधूरा है क्यों कि आज की चुनावी राजनीति में पैसे और खून-खराबे का जो नंगा नांच खेला जा रहा है, जिस तरह से गली मुहल्ले के गुंडे बाहुबल पर मंत्री पद हासिल कर ले रहे हैं, वैसी परिस्थिति में कोई पढ़ा लिखा और विचारवान व्यक्ति कैसे इनका मुकाबला कर पाएगा।
- यहाँ तो पद्म सम्मान भी आलोचकों के निशाने पे रहतें हैं बेशक आलोचना में सार तत्व भी कुछ न कुछ रहता हो या न रहता हो एक बात साफ़ है हम एक अ-सहिष्णु क्लेशवादी समाज बनते जा रहें हैं किसी की ख़ुशी देख के नांच नहीं सकते, आँगन को ही टेढा बताने की सुविधा ले लेते हैं.
- मुज़फ्फरनगर में बेखोफ होते दो बदमासों ने सरे बाज़ार युवक को युवक को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया और उसके साथी ने भागकर अपनी जान बचाई! मर्तक कार में सवार था, जबकि बदमास बाइक पर स्वर थे! हत्या के इस नंगे नांच को देखकर बाज़ार में भगदड़ मच गयी! पुलिस का कहना है की हत्या रंजिशन की गयी है!
- हालांकि सरकार में बैठे जन-प्रतिनिधि, प्रशासक, योजना बनाने वाले लोगों में से अधिकाँश गाँव की मिट्टी में ही पाले-बढे हैं, लेकिन शहरों की चकाचौंध में वे गाँव की पगडंडी, खेतों की हरियाली, कोयल की कूक, मोर का नांच आदि को भूल गए हैं और वे केवल फिल्म, टेलीविजन, आदि के कृत्रिम आनंद में वास्तविकताओं से दूर हो मानसिक अशांति को बढाते जा रहे हैं.
- अबीर गुलाल उड़ाता आ रहा है फागुन कितना प्यारा बसन्त ला रहा है फागुन बाग बगीचे वाटिकाएं सभी लगते हैं रंगीले जमीन पर आसमान पर छा रहा है फागुन चहुं ओर है प्यार पावन होली के आने पर उर-उर के तार झनका रहा है फागुन नृत्य करती प्रकृति झूम कर चहुं ओर गांव-गांव, जंगल-जंगल छा रहा है फागुन कोयल करती शोर, कैसा? नांच रहा है मोर बाल-युवा-वृद्ध सबको, नचा रहा है फागुन रंगो में हैं मस्त, बाल किशोर युवा और प्रौढ़, कण-कण में अमृत रस झलका रहा है फागुन।