धूम्रकेतु sentence in Hindi
pronunciation: [ dhumerketu ]
Examples
- गणेशजी के अनेक नाम हैं लेकिन ये 12 नाम प्रमुख हैं-सुमुख, एकदंत, कपिल, गजकर्णक, लंबोदर, विकट, विघ्न-नाश, विनायक, धूम्रकेतु, गणाध्यक्ष, भालचंद्र, गजानन।
- प्रमुख नाम-गणपति के 12 नाम जो लोकविख्यात हैं, इस प्रकार हैं-सुमुख, एकदंत, कपिल, गजकर्णक, लम्बोदर, विकट, विघ्नविनाशक, विनायक, धूम्रकेतु, गणाध्यक्ष, भालचन्द्र और गजानन गणे श.
- ग्रिफिथ के अनुवाद को धूम्रकेतु नामक देव की प्रेरणा बताकर हिंदुओं को धर्मच्युत करने वाले इस ईसाई वेतनभोगी के रहस्योद्घाटन पर मैं भाई अमितेश व अग्निवीर को सब धर्मप्रेमी हिंदुओं की ओर से हार्दिक साधुवाद देता हूँ.
- पाराशर मुनि की ब्याहता वत्सला ने गजानन की पूजा कर गणपति को पुत्र रूप में प्राप्त किया जो धूम्रकेतु, शूपकर्ण, सुमुख आदि नामों से जाने गये, जिन्होंने व्यासजी के कहने पर महाभारत को लिपिबद्ध किया।
- एक निर्जीव धूम्रकेतु से इस पृथ्वी के जन्म की, उस पर अत्यन्त प्राथमिक जीवन के उद्भव की, और उससे उत्पन्न अनेक विभिन्न जातियों के उद्भिज, अंडज, स्वदेज और पिंडज जीव-जन्तुओं की वसीयत की छाप मुझ पर है ;
- अमितेश भाई ने हम सबका ध्यान इस महत्वपूर्ण तथ्य पर दिलाया कि विनेक / विवेक जी ग्रिफिथ के वेद भाष्य को हिंदी में अनुवादित कर उसे वास्तविक वेद बताते रहे! लगता है महाशय विनेक/विवेक जी के धूम्रकेतु नामक भगवान ग्रिफ्फिथ ही हैं जिनकी कृपा इन पर निरंतर बरस रही है.
- गणपति के नाम इनके रूप की ही तरह ही प्रभाव युक्त रहे हैं गणपति भगवान के अनेक नाम हैं जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं एकदंत, सुमुख, लंबोदर, विनायक, कपिल, गजकर्णक, विकट, विघ्न-नाश, धूम्रकेतु, गणाध्यक्ष, भालचंद्र तथा गजानन तथा गणे श.
- अगर कोई व्यक्ति सुबह बिस्तर से उठने से पहले गणेश के १ २ नाम-सुमुख, एकदंत, कपिल, गजकर्णक, लम्बोदर, विकट, विघ्ननाशक, विनायक, धूम्रकेतु, गणाध्यक्ष, भालचंद्र और गजानन आदि नाम लेकर दायां पैर धरती पर रखता है तो उसे हर प्रकार के विघ्नों से मुक्ति मिलेगी।
- इन्होंने वक्रतुंड रूप लेकर इंद्र के प्रमाद से उत्पन्न मत्सर को, महोदर रूप लेकर तारक के पुत्र महासुर को, लंबोदर रूप लेकर क्रोधासुर को, विकट रूप लेकर वृंदा से उत्पन्न विष्णु पुत्र कामासुर को, विघ्नराज रूप लेकर शंबवर के पुत्र ममतासुर को, धूम्रकेतु रूप लेकर सूर्य की छींक से उत्पन्न अहंतासुर को मारा।
- इनके बारह नामों:-एकदंत, सुमुख, लंबोदर, विनायक, कपिल, गजकर्णक, विकट, विघ्न-नाश, धूम्रकेतु, गणाध्यक्ष, भालचंद्र तथा गजानन तथा गणेश इन बारह नामों का प्रतिदिन जप करने से जीवन में सुख शांति, समृद्धि, व्यापारिक उन्नति, नौकरी में उच्चाधिकारियों से अच्छा सामंजस्य और विद्यार्थी मेधावी छात्र होकर अपने कुल का नाम रोशन करते हैं।