दोस्त और दोस्ती sentence in Hindi
pronunciation: [ doset aur doseti ]
Examples
- दोस्त और दोस्ती के बे शुमार फ़वायेद और अहमियत के पेशे नज़र बहुत से लोग दोस्ती में किसी क़िस्म की हुदूद व क़ुयूद के पाबंद नही होते, और दोस्त के सामने अपने सब राज़ बयान कर देते हैं लेकिन मकतबे इमाम अली (अ) में दोस्ती इंतिहाई गहरी व पाकीज़ा होने के बावजूद एक दायरे में महदूद है।
- क्योकि दोस्त और दोस्ती का रिश्ता सिर्फ़ बाहमी ताल्लुक़ात और ज़बानी जमा ख़र्च का नाम नही है बल्कि ये ऐसा इंतिहाई नाज़ुक रिश्ता है जो इंसान की दुनिया व आख़िरत को बिगाड़ने या सँवारने के लिये तन्हा ही काफ़ी है लेकिन इस सिलसिले में जब हम अपने मआशरे में नज़र डालते हैं तो दो क़िस्म के तरज़े फ़िक्र सामने आते हैं।
- दोस्त और दोस्ती के सिलसिले में मौला ए काऍनात (अ) के सुनहरे कलिमात को बे तरतीब से जोड़ कर दोस्त और दोस्ती के ख़्वाहिशमंद अफ़राद की ख़िदमत में इस उम्मीद बल्कि इस यक़ीन के साथ पेश कर रहे हैं कि अगर हम उन राहनुमा उसूलो को अपने लिये नमून ए अमल क़रार दें तो यक़ीनन अमीरे काऍनात (अ) के इस फ़रमान की अमली तसवीर बन सकते हैं जिसमें आप (अ) फ़रमाते हैं:
- दोस्त और दोस्ती के सिलसिले में मौला ए काऍनात (अ) के सुनहरे कलिमात को बे तरतीब से जोड़ कर दोस्त और दोस्ती के ख़्वाहिशमंद अफ़राद की ख़िदमत में इस उम्मीद बल्कि इस यक़ीन के साथ पेश कर रहे हैं कि अगर हम उन राहनुमा उसूलो को अपने लिये नमून ए अमल क़रार दें तो यक़ीनन अमीरे काऍनात (अ) के इस फ़रमान की अमली तसवीर बन सकते हैं जिसमें आप (अ) फ़रमाते हैं:
- दोस्त और दोस्ती के रंग बदलते देर नही लगती जहां मटकती हैं आँखें सादगी ठहर नही सकती लचकती हो कमर जहां भंवरे आ ही जाते हैं चंचल शोख अदाओं के आगे नाजुक छोरी ठहर नही सकती दिखा के गोरा रंग तन का लहराती हैं आँचल इस तरह उड़ जाती हैं किसी कों भी ले संग दोस्त वो तेरी कैसे हो सकती खाओ कसम कि अब तुम मिलाओगी न अपने अजीज से छुपाकर रखना किवाड़ में जहां दोस्त की चोरी हो नहीं सकती