दशकुमारचरित sentence in Hindi
pronunciation: [ deshekumaarecherit ]
Examples
- दशकुमारचरित, नैषध तथा राजतरंगिणी में काशी का उल्लेख है और कुट्टनीपतम् में भी काशी के प्रधान देवायतन का सटीक वर्णन मिलता है, यद्यपि उस ग्रन्थ का उद्देश्य दूसरा ही है।
- दशकुमारचरित, नैषध तथा राजतरंगिणी में काशी का उल्लेख है और कुट्टनीपतम् में भी काशी के प्रधान देवायतन का सटीक वर्णन मिलता है, यद्यपि उस ग्रन्थ का उद्देश्य दूसरा ही है।
- जो कुछ बची, उनमें से श्री सुबंधु की “ वासवदत्त ”, श्री बाण की “ कादंबरी ” और “ हर्षचरित ”, और दंडी की “ दशकुमारचरित ” प्रचलित हैं ।
- इसका एक प्रमुख कारण यह है कि काव्यशास्त्र के जिन मान्य सिद्धांतों का ' काव्यादर्श ' में प्रतिपादन और निर्देश मिलता है, ' दशकुमारचरित ' में उसकी असंगति और विरोध दिखाई देता है।
- पर आपबीती कहने की यह परम्परा अपने प्रकृत रूप में तो वाचिक परम्परा में ही फूल-फल सकती थी, साहित्यिक परम्परा में भी इसकी आकर्षक परिणतियाँ धूर्ताख्यान या दशकुमारचरित जैसी कथाकृतियों में हम पाते हैं।
- रत्नावली · नागानन्द · प्रियदर्शिका · कादम्बरी · दशकुमारचरित · अभिनयदर्पण · पुरुष परीक्षा · भूपरिक्रमा · कीर्तिलता · कीर्ति पताका · गोरक्ष विजय · मणिमंजरा नाटिका · गंगावाक्यावली · दानवाक्यावलि · वर्षकृत्य · दुर्गाभक्तितरंगिणी · शैवसर्वस्वसार · गयापत्तालक · विभागसार
- मेरे विचार में दण् डी जो था वह जरूर किसी निचली जाति का लेखक था या सरकार का ' घोषित ' अपराधी था, नहीं तो कोई ऐसा कारण नजर नहीं आता कि वह ' दशकुमारचरित ' तो लिखता पर अपना ' चरित ' न लिखता।
- ये विकल्प उपस्थित होते हैं कि क्या दशकुमारचरित और अवंतिसुंदरी कथा दोनों के रचयिता दंडी एक ही हैं अथवा भिन्न-भिन्न हैं; और यदि इन दोनों के लेखक एक ही दंडी मान लिए जाएँ, तो क्या ये दोनों गद्यकाव्य एक दूसरे के पूरक हैं अथवा दो स्वतंत्र गद्यकाव्य हैं।
- ये विकल्प उपस्थित होते हैं कि क्या दशकुमारचरित और अवंतिसुंदरी कथा दोनों के रचयिता दंडी एक ही हैं अथवा भिन्न-भिन्न हैं; और यदि इन दोनों के लेखक एक ही दंडी मान लिए जाएँ, तो क्या ये दोनों गद्यकाव्य एक दूसरे के पूरक हैं अथवा दो स्वतंत्र गद्यकाव्य हैं।
- हिन्दी में यदि अनामदास का पोथा, बूँद और समुद्र, गोदान आदि का मंचन हो सकता है तो संस्कृत के रंगकर्मी कादंबरी, दशकुमारचरित विक्रमादित्य कथा आदि का मंचन क्यो नही कर सकते? आवश्यक यह भी है कि वह सूची भी बनायी जाये जिन नाटको का मंचन अभी नही हो पाया है।