गंगा प्रदूषण नियंत्रण sentence in Hindi
pronunciation: [ ganegaaa perdusen niyentern ]
Examples
- क्या है तीसरे फेज का कार्य: कार्यदायी संस्था गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अधिकारियों के अनुसार तीसरे फेज में सिगरा से दुर्गाकुंड तक पाइप लाइन बिछाना, चौकाघाट, सथवा में पंपिंग स्टेशन, सथवां में 140 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी का निर्माण किया जाना है।
- क्या है तीसरे फेज का कार्य: कार्यदायी संस्था गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अधिकारियों के अनुसार तीसरे फेज में सिगरा से दुर्गाकुंड तक पाइप लाइन बिछाना, चौकाघाट, सथवा में पंपिंग स्टेशन, सथवां में 140 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी का निर्माण किया जाना है।
- उप जिलाधिकारी सदर हवलदार सिंह यादव, क्षेत्राधिकारी सदर, लोक निर्माण, रोडवेज, विद्युत,, मानसी गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई जल निगम, पंचायत, विभाग के अधिकारी, नगर पंचायत गोवर्धन व राधाकुण्ड के अधिशासी अधिकारी सहित विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी, आदि बैठक में उपस्थित रहे।
- डॉ निशंक ने मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालते ही कुंभ कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और लोकनिर्माण विभाग, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई नगर पालिका समेत कई विभागों के अफसरों को निलंबित किया, जिससे कुंभ कार्यों में लगे अफसरों में खौफ छा गया और कुंभ कामों में भ्रष्टाचार पर काफी हद तक पर रोक लगी है।
- डॉ निशंक ने मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालते ही कुंभ कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और लोकनिर्माण विभाग, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई नगर पालिका समेत कई विभागों के अफसरों को निलंबित किया, जिससे कुंभ कार्यों में लगे अफसरों में खौफ छा गया और कुंभ कामों में भ्रष्टाचार पर काफी हद तक पर रोक लगी है।
- मुख्यमंत्री ने बताया कि कुंभ मेला कार्यों में सिंचाई विभाग सहित उत्तराखंड गंगा नहर रुड़की, पेयजल निगम, जल संस्थान, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई, पावर कारपोरेशन, लोक निर्माण विभाग, राजाजी राष्ट्रीय पार्क देहरादून, पेयजल विभाग, शक्ति नहर खंड हरिद्वार, हरिद्वार विकास प्राधिकरण, राजकीय निर्माण निगम, उत्तर प्रदेश, नगर पालिका हरिद्वार ऋषिकेश, नगर पंचायत, वन विभाग, उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम, वन विभाग हरिद्वार, परिवहन निगम, ग्रामीण अभियंत्रगण सेवा, स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग, मेलाधिष्ठान, पर्यटन विभाग, हौम्योपैथिक चिकित्सा विभाग जुटे हंै।
- ऋषिकेशः तपोवन में सीवर लाइन बिछाने का काम कर रही कंपनी के एक कर्मचारी की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने अब तक शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा है। जानकारी के मुताबिक तपोवन क्षेत्र में गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के तहत एक निजी कंपनी सीवर लाइन बिछाने का काम कर रही है। शुक्रवार शाम एक कर्मचारी काम निपटा कर अपने कमरे पर पहुंचा जहां अचानक उसकी तबियत बिगड़ गई। साथियों ने मेरठ उत्तर प्रदेश निवासी शुभम जैन 20 वर्ष पुत्र विजेंद्र जैन को राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया। यहां चिकित्सक
- अपर जिलाधिकारी प्रशासन अवधेश कुमार तिवारी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अवनीश कुमार शर्मा, अपर जिलाधिकारी कानून व्यवस्था अरूण कुमार, पुलिस अधीक्षक नगर अशोक कुमार, उप जिलाधिकारी सदर व मांट, सीओ सदर, सीएमओ, लोक निर्माण, रोडवेज, विद्युत, पर्यटन, मानसी गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई जल निगम, आपूर्ति, पंचायत, विभाग के अधिकारियों सहित नगर पंचायत गोवर्धन व राधाकुण्ड के अधिशासी अधिकारी सहित विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी, प्रभारी निरीक्षक एलआईयू, व विभिन विभागों के अधिकारीगण आदि बैठक में उपस्थित रहे।