इस्लाम के पैग़म्बर sentence in Hindi
pronunciation: [ iselaam k paigaemebr ]
Examples
- हक़ (सत्य) और बातिल (असत्य) के बीच लड़ाई किस बात पर है (सबको) मालूम हो गया कि यह लड़ाई अस्ल में इस्लाम और इस्लाम के पैग़म्बर ख़ातेमुल अम्बिया हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा (स.)
- इस्लाम के पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद (सल्ल॰) के जीवन, चरित्र, आचरण, सन्देश और मिशन तथा इसके सार्वकालिक, सार्वभौमिक उत्तम प्रभावों के बहुत ही कम पहलुओं पर, ऊपर बहुत संक्षेप में प्रकाश डाला गया है।
- मेरा मानना है कि अगर इस्लाम के पैग़म्बर जैसा कोई शासक सारे ब्रह्माण्ड शासन करे तो इस दुनिया की मुश्किलात एवं समस्याओं का निपटारा करने में कामयाब हो जाएगा कि इंसान संधि एवं सौभाग्य तक पहुंच जाएगा जिस की उसे गंभीर आवश्यकता है।
- मेरा मानना है कि अगर इस्लाम के पैग़म्बर जैसा कोई शासक सारे ब्रह्माण्ड शासन करे तो इस दुनिया की मुश्किलात एवं समस्याओं का निपटारा करने में कामयाब हो जाएगा कि इंसान संधि एवं सौभाग्य तक पहुंच जाएगा जिस की उसे गंभीर आवश्यकता है।
- हम सब जानते हैं कि काले नीग्रो लोगों के साथ आज भी ‘ सभ्य! ' सफे़द रंगवाले कैसा व्यवहार करते है? फिर आप आज से चैदह शताब्दी पूर्व इस्लाम के पैग़म्बर के समय के काले नीग्रो बिलाल के बारे में अन्दाज़ा कीजिए।
- « मुझे पहले से भी ज्यादा विश्वास हो गया है कि यह तलवार की शक्ति न थी जिसने इस्लाम के लिए विश्व क्षेत्र में विजय प्राप्त की, बल्कि यह इस्लाम के पैग़म्बर का अत्यंत सादा जीवन, आपकी निःसवार्थता, प्रतिज्ञापालन और निर्भयता थी » ।
- गाँधी जी के शब्दों में-« मुझे पहले से भी ज्यादा विश्वास हो गया है कि यह तलवार की शक्ति न थी जिसने इस्लाम के लिए विश्व क्षेत्र में विजय प्राप्त की, बल्कि यह इस्लाम के पैग़म्बर का अत्यंत सादा जीवन, आपकी निःसवार्थता, प्रतिज्ञापालन और निर्भयता थी»
- कु़रआन की यह तालीम और इस्लाम के पैग़म्बर की यह मिसाल उन सारे रिवाजों और क़ायदे-क़ानूनों और उन सब क़ौमी, मुल्की, और नसली…गिरोहबन्दियों को एकदम ग़लत और नाजायज़ कर देती है जो एक इन्सान को दूसरे इन्सान से अलग करती हैं और मानव-मानव के बीच भेदभाव और झगड़े पैदा करती हैं।
- इस का कारण क्या था गाँधी जी के शब्दों में-« मुझे पहले से भी ज्यादा विश्वास हो गया है कि यह तलवार की शक्ति न थी जिसने इस्लाम के लिए विश्व क्षेत्र में विजय प्राप्त की, बल्कि यह इस्लाम के पैग़म्बर का अत्यंत सादा जीवन, आपकी निःसवार्थता, प्रतिज्ञापालन और निर्भयता थी»।
- अब मुझे पहले से भी ज़्यादा विश्वास हो गया है कि यह तलवार की शक्ति न थी जिसने इस्लाम के लिए विश्व क्षेत्रा में विजय प्राप्त की, बल्कि यह इस्लाम के पैग़म्बर का अत्यन्त सादा जीवन, आपकी निःस्वार्थता, प्रतिज्ञा-पालन और निर्भयता थी, आपका अपने मित्रों और अनुयायियों से प्रेम करना और ईश्वर पर भरोसा रखना था।