अवलोकनार्थ प्रस्तुत sentence in Hindi
pronunciation: [ avelokenaareth persetut ]
"अवलोकनार्थ प्रस्तुत" meaning in English
Examples
- अधीनस्थ न्यायालय के समक्ष निगरानीकर्ता ने इस वाहन के पंजीकरण के अभिलेख स्वयं को स्वामी होने का प्रमाण स्वरूप प्रस्तुत किये थे और आज सुनवायी के दौरान मेरे समक्ष भी प्रस्तुत अभिलेखों के मूल अभिलेख वास्ते अवलोकनार्थ प्रस्तुत किये गये।
- *-*-* अनुगूँज के इस दफा के आयोजन के लिए आज से करीब अठारह वर्ष पहले, अपनी प्रेयसी [वर्तमान में भाग्य (दुर् या सौ ¿¿) से पत्नी] को लिखे गए प्रेम पत्र के एक हिस्से की एक झलक आपके अवलोकनार्थ प्रस्तुत है:
- *-*-* अनुगूँज के इस दफा के आयोजन के लिए आज से करीब अठारह वर्ष पहले, अपनी प्रेयसी [वर्तमान में भाग्य (दुर् या सौ ¿¿) से पत्नी] को लिखे गए प्रेम पत्र के एक हिस्से की एक झलक आपके अवलोकनार्थ प्रस्तुत है:
- जब तक मैं कुछ गढ़ नही लूँ तब तक मुझे आत्मिक शांति नहीं मिलती. सारा शरीर भारी-भारी लगता है.-जब कल्पना केनवास पर उतर जाती है तो अपने आप ही मुझे हल्का लगता है.एक आत्मिक शांति का अनुभव होता है-एक चित्र आपके अवलोकनार्थ प्रस्तुत है-कृपया आशीष देकर उत्साह बढाये.
- शामली जागरुक मंच द्वारा चेयरमैन के खिलाफ दस बिंदुओं में जांच कर कार्रवाई हेतु प्रशासन को 30 नवम्बर तक का समय दिया गया है जिसमें अमित कुमार को कम्प्यूटर आपरेटर के रुप में तैनात करने के संबंध में तैनाती संबंधी पत्रावली मूल रुप से अवलोकनार्थ प्रस्तुत करने की मांग तथा मोनू व अनूप की सफाई निरीक्षक के रुप में नियुक्ति संबंधी पत्रावली प्रस्तुत कराने की मांग भी दो अहम बिंदुओं के रुप में रखी गयी है।
- इसके अतिरिक्त याची ने मृतक के द्वारा छोडे गये खाते से सम्बन्धित मूल पास बुक न्यायालय के समक्ष अवलोकनार्थ प्रस्तुत की हैं तथा साथ ही मृतक के मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रमाणित प्रतिलिपि संलग्न 1 के रुप में प्रस्तुत की है और अपने शपथ पत्र 11 बी में स्पष्ट किया है कि मृतक का मूल मृत्यु प्रमाण उप-जिलाधिकारी, विकासनगर में प्रस्तुत किया गया था, जो वहॉ से प्राप्त नही हो पाया है, इसलिए मृतक के मृत्यु प्रमाण पत्र की सत्यापित छाया प्रति प्रस्तुत की गयी है।
- सर्वप्रथम तो खलील जिब्रान की एक नई कथा से साक्षात्कार कराने का धन्यवाद स्वीकार करें || परन्तु आपकी इस पोस्ट पर कुछ कहने से पूर्व मुझे अपना स्वार्थ सिद्ध कर लेने दें? मैं दिगंबर नासवा जी के ब्लॉग पर आपकी बेबाक टिप्पणी देख कर इधर आने को आने को प्रेरित हुआ हूँ, ऐसे गुणग्राही का मेरे ब्लॉग '' कबीरा '' पर आगमन प्रार्थनीय है, मैंने दिगंबर जी की कविता से प्रेरित हो उन्ही के शब्दों में जो लिखा उसकी चार पंक्तियां उनके ब्लॉग पर उन्हें समर्पित कर आया हूँ, अवलोकनार्थ प्रस्तुत है,