अब्दुर रहमान ख़ान sentence in Hindi
pronunciation: [ abedur rhemaan khan ]
Examples
- जैसे-तैसे शेर अली ख़ान ने अपनी फौजें लगाकर इस विद्रोह पर क़ाबू पाया ही था के अब्दुर रहमान ख़ान आमू दरिया वापिस पार कर के फिर से उत्तरी अफ़ग़ानिस्तान में आ गया.
- जैसे-तैसे शेर अली ख़ान ने अपनी फौजें लगाकर इस विद्रोह पर क़ाबू पाया ही था के अब्दुर रहमान ख़ान आमू दरिया वापिस पार कर के फिर से उत्तरी अफ़ग़ानिस्तान में आ गया.
- दूसरे अँगरेज़-अफ़ग़ान युद्ध में अय्यूब ख़ान ने १ ८८ ० तक इस शहर का एक गढ़ के रूप में प्रयोग किया लेकिन उसके बाद अंग्रेज़ों ने इसपर अब्दुर रहमान ख़ान का क़ब्ज़ा करवा दिया।
- नूरिस्तानी लोगों को उन्नीसवी सदी के अंत में अफ़ग़ानिस्तान के अमीर अब्दुर रहमान ख़ान ने पराजित करके मुस्लिम बनाया था जबकि बहुत से कलश लोग अभी भी अपने हिन्दू धर्म से मिलते-जुलते प्राचीन धर्म के अनुयायी हैं।
- भारत में अंग्रेज़ी वाइसराय लोर्ड लिटन ने अब्दुर रहमान ख़ान को संदेशा भेजा के उन्हें उसका अफ़ग़ानिस्तान का अमीर बन जाना स्वीकार है और वह कन्दाहार के इर्द-गिर्द के कुछ क्षेत्रों के अलावा बाक़ी अफ़ग़ानिस्तान को उसके हवाले करने को तैयार हैं.
- भारत में अंग्रेज़ी वाइसराय लोर्ड लिटन ने अब्दुर रहमान ख़ान को संदेशा भेजा के उन्हें उसका अफ़ग़ानिस्तान का अमीर बन जाना स्वीकार है और वह कन्दाहार के इर्द-गिर्द के कुछ क्षेत्रों के अलावा बाक़ी अफ़ग़ानिस्तान को उसके हवाले करने को तैयार हैं.
- नूरिस्तान से लगे हुए पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी चित्राल इलाक़े के कलश लोग नूरिस्तानियों से मिलते-जुलते हैं, लेकिन वे उन्नीसवी सदी में ब्रिटिश साम्राज्य के अधीन भारत में आते थे, इसलिए वे अब्दुर रहमान ख़ान के हमलों से बचे रहे और उनमें से कई अभी भी अपने पूर्वजों के धर्म के अनुयायी हैं।
- नूरिस्तान से लगे हुए पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी चित्राल इलाक़े के कलश लोग नूरिस्तानियों से मिलते-जुलते हैं, लेकिन वे उन्नीसवी सदी में ब्रिटिश साम्राज्य के अधीन भारत में आते थे, इसलिए वे अब्दुर रहमान ख़ान के हमलों से बचे रहे और उनमें से कई अभी भी अपने पूर्वजों के धर्म के अनुयायी हैं।
- नूरिस्तान से लगे हुए पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी चित्राल इलाक़े के कलश लोग नूरिस्तानियों से मिलते-जुलते हैं, लेकिन वे उन्नीसवी सदी में ब्रिटिश साम्राज्य के अधीन भारत में आते थे, इसलिए वे अब्दुर रहमान ख़ान के हमलों से बचे रहे और उनमें से कई अभी भी अपने पूर्वजों के धर्म के अनुयायी हैं।