सेराब sentence in Hindi
pronunciation: [ saab ]
"सेराब" meaning in English "सेराब" meaning in Hindi
Examples
- इस के अलावा शोहदा-ए-बद्रो ओहद को बंदिशे आब का सामना भी नहीं था जबकि इमामे हुसैन (अ.) के साथ भूख और प्यास के आलम में सेरो सेराब दुश्मन से नबर्दो आज़मा होने के बावुजूद ज़बानों पर शिद्दते अतश का कोई ज़िक्र भी न लाए।
- हिदायत के इस चष्मए “ ाीरीं व ख़ुषगवार से सेराब हो गया है जिस के घाट पर (अल्लाह की रहनुमाई ने) वारिद होने को आसान बना दिया गया है, जिसके नतीजे में ख़ूब छक कर पी लेता है और सीधे रास्ते पर चल पड़ा है।
- ए आदम की औलाद जिस चीज़ से तुम्हारी ज़रूरतें पूरी हो सकती हैं वह तुम्हारी पहुंच में है, उस चीज़ की कोशिश में न रहो जो तुम्हें सरकश बना दे, अगर कम पर राज़ी न रहोगे तो ज़्यादा पाकर भी तुम सेराब नहीं होगेः पैग़म्बरे इस्लाम
- (((लालच इन्सान को हज़ारों चीज़ों का यक़ीन दिला देती है और उससे वादा भी कर लेती है लेकिन वक़्त पर वफ़ा नहीं करती है और बसावक़ात ऐसा होता है के सेराब होने से पहले ही उच्छू लग जाता है और सेराब होने की नौबत ही नहीं आती है।
- (((लालच इन्सान को हज़ारों चीज़ों का यक़ीन दिला देती है और उससे वादा भी कर लेती है लेकिन वक़्त पर वफ़ा नहीं करती है और बसावक़ात ऐसा होता है के सेराब होने से पहले ही उच्छू लग जाता है और सेराब होने की नौबत ही नहीं आती है।
- जब हसीन बिन नुमैर आप के क़रीब गया तो इमाम ने उसे भी एक कासा पानी दिया यह बहुत प्यासा था तो आप ने फिर से उस के कासे को पानी से भर दिया, जब हसीन बिन नुमैर सेराब हो गया तो उस ने इमाम (अ.)
- ख़ुदाया! ऐसी सेराबी हो कि जो मुर्दा ज़मीनों को ज़िन्दा करने वाली, सेराब बनाने वाली और भरपूर बरसने वाली, और सब जगह फ़ैल जाने वाली, और पाकीज़ा व बा बरकत और ख़ुश गवार और शादाब हो, जिस से नबातात (वनस्पति) फ़लने फूलने लगें।
- यहां तक के जब गन्दे पानी से सेराब हो जाता है और महमिल और बेफ़ाएदा बातों को जमा कर लेता है तो लोगों के दरमियान क़ाज़ी बन कर बैठ जाता है और इस अम्र की ज़िम्मेदारी ले लेता है के जो उमूर दूसरे लोगों पर मुश्तबह हैं वह उन्हें साफ़ कर देगा।
- जिसने फ़हम की नेमत पा ली वह इल्म की गहराई तक पहुंच गया और जिसने इल्म की गहराई को पा लिया वह फ़ैसले के घाट से सेराब होकर बाहर आया और जिसने अक़्ल इस्तेमाल कर ली उसने अपने अम्र में कोई कोताही नहीं की और लोगों के दरम्यान क़ाबिले तारीफ़ ज़िन्दगी गुज़ाार दी।
- इसके दुष्मनों को इसकी करामत के ज़रिये ज़लील किया है और इससे मुक़ाबला करने वालों को इसकी नुसरत के ज़रिये रूसवा किया है इसके रूकन के ज़रिये ज़लालत के अरकान को मुनहदिम किया है और इसके हौज़ से प्यासों को सेराब किया है और फ़िर पानी उलचने वालों के ज़रिये इन हौज़ों को भर दिया है।