सीदा sentence in Hindi
pronunciation: [ sidaa ]
"सीदा" meaning in English
Examples
- मैं मुड़ती कि इससे पहले बुआ थाली में बहुत से चावल, खूब सारा आँटा, जमे हुए देशी घी का एक लौंदा, नमक इत्यादि सीदा और ग्यारह रूपये कुर्ते पैजामे के साथ लेकर दरवाजे की ओर दौड़ पड़ीं.
- गौरतलब रहे कि मंडावर निवासी जाहिद पुत्र सीदा की नाबालिग लडकी परवीन (15) को पंाच लोग गत 1 अक्तूबर को घर से जबरन उठा ले गए थे जिसमें भूरा, निजाम व इरशाद निवासीगण पंजीठ तथा काला व भूरा निवासीगण मंडावर को नामजद कराया गया था।
- बचपन का ऐक किस्सा याद आता हैं-” हमारे घर एक पंडित जी रोज़ ' सीदा ' (आटा और दा ल.स ुखा) लेने आते थे वो चुपचाप मुझसे मेरा सपना पूछते थे, मैं उस दिन आए हुए सपने का वर्णन कर देती थी...
- यहाँ सभी उदात्त पात्रों के नाम के आगे फ्र यानी श्री लगाना आवश्यक होता है जैसे फ्र आतिथ (आदित्य) फ्र चान (श्री चंद्र) इसी तरह उदात्त महिला पात्रों के नाम के आगे नांग यानी श्रेष्ठ लगाना ज़रूरी है जैसे नांग सीदा (सीता) ।
- हमने विदेश भ्रमन के दो रंपाया की भरत हिएसा देश हे जहाँ मात्र भाषा बोलने मे शर्म आती हे याहन नूक्री पाने की लिए एंगलिश आना ज़रूरी हे वेह लोग तो सीदा केह हे की हेमे एंगलिश नही आती आप हमारी भाषा मे बटाए की क्य क्रवाना हे yogitaa delhi
- भ्रष्टाचार से लडने का माहोल जो आज देश मई आण हजारे नि बनाया है, उस का मसोदा कुछ हद तक केंद्रीय सतर्कता आयोग को भी जाता है, अगर केंद्रीय सतर्कता आयोग की रिपोर्ट के उपर गौर किया जाये तो २००९ मे १५५४१ भ्रष्टाचार के अंतर्गत दर्ज हुए, जो सीदा नौकरशाह आईएस, के खिलाफ थे.
- कुछ विशेष खरीददारी, कुछ पकवान बनाने, घर में एँपण देने, किसी ननद को मनी और्डर भेजना होता, तो कभी मंदिर में सीदा देना होता, पंडित जी को घर बुला खाना खिलाना होता, बेल पत्र तोड़ने होते, उनपर शिव नाम लिखना होता, जौं बोने होते या कम से कम एक रूमाल तो हल्दी में रंगना होता।
- देश में जरूरत के हिसाब से अनाज हों जरूरत के हिसाब से आयात-निर्यात में संतुलन हो, ये जिम्मदारी भी पवार की है लेकिन जब इसमें गड़बड़ी होती है तो इसका सीदा असर खाने-पीने की चीजों पर पड़ता है और जब पवार से पूछा जाता है कब कम होगी महंगाई तो वो कहते हैं, मैं अर्थशास्त्री नहीं।
- कुछ विशेष खरीददारी, कुछ पकवान बनाने, घर में एँपण देने, किसी ननद को मनी और्डर भेजना होता, तो कभी मंदिर में सीदा देना होता, पंडित जी को घर बुला खाना खिलाना होता, बेल पत्र तोड़ने होते, उनपर शिव नाम लिखना होता, जौं बोने होते या कम से कम एक रूमाल तो हल्दी में रंगना होता।
- आजकल पूरा का पूरा अमला बाबा रामदेव के पीछे पड़ा है जिसको देखो वही बाबा के साथ किसी न किसी रूप मैं जुड़ा है लेकिन सरकारी अमला बाबा को RSS का AGENT बताता है और तो और बाबा को बीजेपी का बताया जाता है बाबा को भगवा आतंकवादी बताया जाता बाबा तो बाबा, बाबा कुछ कम नहीं कुछ न कुछ उल्टा सीदा बक देता है बाबा बाद अच्छा बदनाम बुरा