सर्वात्मवाद sentence in Hindi
pronunciation: [ servaatemvaad ]
"सर्वात्मवाद" meaning in Hindi
Examples
- आत्मा से भी भारतीय मनुष्य का संबंध अहम् भाव का अनुभव नहीं है, सर्वात्मवाद को वह अपनी शिराओं में पाता है-सबका विकास, सबका उन्नयन, सबका आनन्द भारतीय स्वभाव की मूल संस्कृति है।
- आत्मा से भी भारतीय मनुष्य का संबंध अहम् भाव का अनुभव नहीं है, सर्वात्मवाद को वह अपनी शिराओं में पाता है-सबका विकास, सबका उन्नयन, सबका आनन्द भारतीय स्वभाव की मूल संस्कृति है।
- आधुनिक युग के अधिकांश विचारक सर्वात्मवाद को न केवल बहु-ईश्वरवाद का ही किंतु सुसभ्य मानव के धार्मिक एकेश्वरवाद का भी आधारभूत विश्वास समझते हैं और उसकी गणना असभ्य या अर्धसभ्य जातियों के धर्म या दर्शन में करते हैं।
- आधुनिक युग के अधिकांश विचारक सर्वात्मवाद (Animism) को न केवल बहु-ईश्वरवाद का ही किंतु सुसभ्य मानव के धार्मिक एकेश्वरवाद का भी आधारभूत विश्वास समझते हैं और उसकी गणना असभ्य या अर्धसभ्य जातियों के धर्म या दर्शन में करते हैं।
- सर्वात्मवाद (Animism) वह दार्शनिक, धार्मिक या आध्यात्मिक विचार है कि आत्मा न केवल मनुष्यों में होती है वरन् सभी जन्तुओं, वनस्पतियों, चट्टानों, प्राकृतिक परिघटनाओं (बिजली, वर्षा आदि) में भी होती है।
- एशिया प्रशांत क्षेत्र के लिए एक प्राथमिक ध्यान अक्सर सर्वात्मवाद और धार्मिक बंधन एक साथ बुने जाते हैं जहां छिपा, दूरदराज के स्थानों में रहते हैं कि अभी भी दूर दराज लोगों को समूहों के सुसमाचार को ले जा रहा है.
- श्रीलंका के भीतरी हिस्सों में बसने वाले वैदा लोगों ने सिंहल लोगों की सोहबत से अपने सर्वात्मवाद में कुछ बौद्ध धर्म को भी मिश्रित कर लिया है जबकि पूर्वी तट पर तमिलों के पास रहने वाले वैदाओं ने सर्वात्मवाद में हिन्दू धर्म मिला लिया है।
- श्रीलंका के भीतरी हिस्सों में बसने वाले वैदा लोगों ने सिंहल लोगों की सोहबत से अपने सर्वात्मवाद में कुछ बौद्ध धर्म को भी मिश्रित कर लिया है जबकि पूर्वी तट पर तमिलों के पास रहने वाले वैदाओं ने सर्वात्मवाद में हिन्दू धर्म मिला लिया है।
- तार्किक भाषा में सर्वात्मवाद वह सिद्धांत है जिसके अनुसार तथाकथित जड़ पदार्थों में भी आत्मा या जीवात्मा नामवाले एक अभौतिक तत्व या शक्ति का अस्तित्व स्वीकार किया जाता है और उसे न केवल बुद्धिजीवी प्राणियों के बौद्धिक जीवन का अपितु शारीरिक अथवा भौतिक क्रियाओं का भी मूलाधार माना जाता है।
- तार्किक भाषा में सर्वात्मवाद वह सिद्धांत है जिसके अनुसार तथाकथित जड़ पदार्थों में भी आत्मा या जीवात्मा नामवाले एक अभौतिक तत्व या शक्ति का अस्तित्व स्वीकार किया जाता है और उसे न केवल बुद्धिजीवी प्राणियों के बौद्धिक जीवन का अपितु शारीरिक अथवा भौतिक क्रियाओं का भी मूलाधार माना जाता है।