श्री वसुनंदी जी मुनिराज sentence in Hindi
pronunciation: [ sheri vesunendi ji muniraaj ]
Examples
- पूज्य एलाचार्य श्री के संघस्थ ब्र. आशीष भैया ने बताया कि पूज्य एलाचार्य श्री वसुनंदी जी मुनिराज ससंघ दिल्ली से फाल्गुन अष्टाह्निका संपन्न कर लगभग २५० कि.मी. विहार कर उत्तर प्रदेश स्थित बदायूं में श्री मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा ०२ अप्रैल से ०८ अप्रैल २०१२ तक संपन्न कराएँगे.बदायूं से विहार कर शौरिपुर-बटेश्वर,कम्पिलाजी, अहिक्षेत्र आदि तीर्थों कि वंदना करते हुए टूंडला (फिरोजाबाद) पहुचेंगे जहाँ मई माह में टूंडला चौराहा में नवनिर्मित श्री मज्जिनेन्द्र मानस्तंभ की पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव संभावित संपन्न होंगी.
- ंदी जी मुनिराज ससंघ के परम पुनीत पवन सानिध्य में 03 जनवरी से 26 जनवरी तक चारों अनुयोग वाचना श्री दिगम्बर जैन मंदिर में आयोजित हुई. महाधवला (भाग 1) जैसे महा सिद्धान्तिक ग्रन्थ की वाचना सुनने का लाभ मात्र गुरुमुख से ही संभव जो इस वर्ष दिल्ली को पहली बार दिगम्बर संत एलाचार्य श्री वसुनंदी जी मुनिराज के श्रीमुख से सुनकर लाभान्वित हुए.इस वाचना का विधिवत शुभारम्भ 03 जनवरी को मंगल कलश स्थापना,दीप प्रज्ज्वलन,मंगलाचरण आदि कार्यक्रमों के साथ हुआ और
- श्री महावीर दिगम्बर जैन मंदिर, शंकर नगर की जैन समाज लगभग 2 साल से योग्य गुरु की राह देख रहा था जिसके कारण से पंचकल्याणक प्रतिष्ठा संपन्न न हो पा रही थी.06 नवम्बर 2011 को पूज्य एलाचार्य श्री वसुनंदी जी मुनिराज का संघ सहित पदार्पण मात्र 01 सप्ताह के लिए हुआ लेकिन गुरु की चर्या और सरलता को देखते हुए सम्पूर्ण समाज ने उनके सानिध्य में दिल्ली का ऐतिहासिक पंचकल्याणक करवाने की ठान ली.सबकी सहमति और गुरु निर्देश से श्री मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा 24 फरवरी से 29 फरवरी 2012 तक संपन्न कराना तय हुआ.
- अंतिम चरण पूज्य गुरुदेव के चातुर्मास हेतू अतिशय क्षेत्र जम्बूस्वामी जी बोलखेडा, जेवर, मेरठ, हस्तिनापुर,सरधना,ग्रीन पार्क (दिल्ली),तिजारा, फिरोजाबाद आदि नगरों के साथ साथ धर्म जागृति संसथान, दिल्ली प्रदेश द्वारा दिल्ली में चातुर्मास हेतू श्रीफल चढ़ाये गए.अंत में पूज्य एलाचार्य श्री वसुनंदी जी मुनिराज द्वारा मंगल कल्याणकारी अमृतवाणी सुन सबने स्वयं को धन्य माना और चातुर्मास हेतू बस एक ही संकेत दिया की जहा भी चातुर्मास होगा पूज्य गुरुदेव आचार्य श्री विद्यानंद जी मुनिराज की अनुमति व आज्ञा से होगा.सबको वात्सल्य पूर्वक आशीर्वाद देकर अपनी वाणी को विराम दिया और पूजन व आरती के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ.