शांत हो जाना sentence in Hindi
pronunciation: [ shaanet ho jaanaa ]
"शांत हो जाना" meaning in English
Examples
- किस्मत अच्छी है कि मैं आज भी बहुत सुन्दर, सेक्सी हूं, मुझे पता है कि कई लंड वाले मेरी स्टोरी पढ़कर मुझे चोदना चाहेंगे लेकिन मैं लिस्बो हूं मुझे लड़कियों से सेक्स की बाते करना और फ़ोरप्ले करना अच्छा लगता है इसलिये लड़कों, मेरी कहानी पढ़कर अपना लंड हिलाकर शांत हो जाना लेकिन गर्ल्स मुझे रेप्लय करना।
- सच्चाई ये है मेरे दोस्त! … कि ये सारे काण्ड तो कब के पब्लिक की समृति से विलुप्त हो भ्रष्टाचार रूपी विशाल हवन कुण्ड की पवित्र और पावन अग्नि में स्वाहा हो गए और बाकियों की तरह इस घोटाले ने भी शांत हो जाना है और बस सबके दिल ओ दिमाग में बस यही याद रहना है कि …..
- जो लोग सलाह देते हैं, वे सिर्फ बहुत तर्क लगा कर सलाह देते हैं, और निर्णयकर्ता उसी सलाह के ऊपर अपना निर्णय लेते हैं | तो इसलिए सलाहकार और निर्णयकर्ता, दोनों को कुछ समय निकाल कर अंदर से बहुत शांत हो जाना चाहिये | तब उनका निर्णय सही होगा और मानवीय मूल्यों का समर्थन करेगा | यह एक बात है |
- जहां अहंकार में मुझे वस्तुएं और वस्तुओं से मिलने वाली शक्ति को संगृहीत करना है-और उस संग्रह में मुझे तनाव से और चिंता और बेचैनी से भर जाना पड़ेगा ; अशांति मेरा भाग्य होगा-वहा ध्यान में मुझे सारी चिंताओं को, सारे तनावों को, सारी अशांति को छोड्कर इस भांति शांत हो जाना है कि जैसे मैं हूं ही नहीं, जैसे मेरी मौजूदगी समाप्त हो गई।
- पूरे देश में जिस तरह से अफज़ल की फाँसी पर आशा के अनुरूप सामान्य प्रतिक्रिया आई थी उसके बाद मामला शांत हो जाना चाहिए था पर जम्मू कश्मीर के कुछ नेताओं ने जिस तरह से अफज़ल के पक्ष में बयान देने शुरू किए और फिर वहां की सरकार को भी दबाव में भारत सरकार पर ऊँगली उठाने के लिए बाध्य किया गया वह भारतीय संसदीय इतिहास में सबसे ख़राब समय ही कहा जा सकता है.
- चूंकि बड़े-बुजुर्ग कह गए हैं कि एक के गुस्सा होने पर दूसरे को शांत हो जाना चाहिए वरना तिल का ताड़ बनते देर नहीं लगती. 5. किसी भी विवादित मुद्दे को टालने की बजाए, आराम से बैठकर बात करके उस मुद्दे को सुलझाने का प्रयास करे. 6. आप पर विश्वास करे. खुद भी आगे बढ़े और आपको भी आगे बढ़ा ए. 7. आपकी कमियों व अच्छाइयों दोनों को अपना ए.
- नवजात शिशु की प्रतिक्रियाएं केवल कुछ सहज अनुक्रियाओं तक ही सीमित रहती हैं, जिनका स्वरूप प्रतिरक्षात्मक (तेज़ उजाले या ऊंची आवाज़ के प्रभाव से आंख की पुतली का सिकुड़ना, दर्द होने पर रोना तथा हाथ-पैर पटकना), आहारान्वेषणात्मक (चूसने का प्रतिवर्त), लैबिरिंथी (हिचकोले दिये जाने पर शांत हो जाना) और कुछ बाद में अभिविन्यास तथा अन्वेषण से संबंधित (उत्तेजक की ओर सिर घुमाना, चलती हुई वस्तु पर आंखें टिकाये रखना, आदि) होता है।