रोमां रोलां sentence in Hindi
pronunciation: [ romaan rolaan ]
Examples
- मीरा बेन: मैडनीन स्लेड के नाम से सन 1892 में इंग्लैण्ड में जन्मी मीरा बेन रोमां रोलां की पुस्तक महात्मा गॉधी को पढ़कर अत्यन्त प्रभावित हुईं और साबरमती आश्रम आकर महात्मा गॉधी की िशष्या बन गयीं ।
- यहां उल्लेखनीय है कि रोमां रोलां महात्मा गांधी के सत्य ओर अहिंसा के दर्शन से इतने प्रभावित थे कि बिना उनसे मिले ही उनके बारे में एक किताब “महात्मा गांधी” लिख डाली थी जिसका प्रकाशन 1924 में हो गया था।
- पुस्तक परिचय-24 विवेकानन्द मनोज कुमार इस सप्ताह आपका परिचय लिओ तालस्तोय, महात्मा गांधी, माइकल एंजेलो, आदि महत्वपूर्ण सख्सियतों की जीवनियाँ लिखने वाले व नोबेल पुरस्कार से सम्मानित फ्रांसीसी लेखक रोमां रोलां की कृति “विवेकानन्द” से कराने जा रहे हैं।
- यूरोप में जब महायूद्ध छिड़ गया और लाखों नौजवान तोपों तथा बंदूकों के शिकार हुए, तब साहित्य-शिरोमणि रोमां रोलां की भूतदया द्रवीभूत हुई और अन्य लोगों के समान, खुद उन्होंने भी इन घायल लोगों की सेवा का कुछ प्रबंध किया।
- ' हिन्दुस्तान ' अखबार द्वारा दिए गये २०१० के पंचाग के अनुसार ६ जनवरी, काशी से प्रकाशित ठाकुर प्रसाद के प्रसिद्ध पंचाग के हिसाब से ७ जनवरी तथा रोमां रोलां द्वारा लिखी गयी स्वामीजी की जीवनी के अनुसार १२ जनवरी को
- ' हिन्दुस्तान ' अखबार द्वारा दिए गये २०१० के पंचाग के अनुसार ६ जनवरी, काशी से प्रकाशित ठाकुर प्रसाद के प्रसिद्ध पंचाग के हिसाब से ७ जनवरी तथा रोमां रोलां द्वारा लिखी गयी स्वामीजी की जीवनी के अनुसार १२ जनवरी को...
- यहां उल्लेखनीय है कि रोमां रोलां महात्मा गांधी के सत्य ओर अहिंसा के दर्शन से इतने प्रभावित थे कि बिना उनसे मिले ही उनके बारे में एक किताब “ महात्मा गांधी ” लिख डाली थी जिसका प्रकाशन 1924 में हो गया था।
- पुस्तक की भूमिका में रोमां रोलां लिखते है महान् भारतीय सन्त एवं चिन्तक रामकृष्ण का आध्यात्मिक दाय ग्रहण करके उनके चिन्तन के बीज-कणों को सारे संसार में वितरित करने और अपना कार्य सफलतापूर्वक सम्पादित करनेवाले विवेकानन्द का जीवन निश्चय ही अत्यन्त गौरवपूर्ण एवं प्रेरणादायक है।
- ' हिन्दुस्तान ' अखबार द्वारा दिए गये २०१० के पंचाग के अनुसार ६ जनवरी, काशी से प्रकाशित ठाकुर प्रसाद के प्रसिद्ध पंचाग के हिसाब से ७ जनवरी तथा रोमां रोलां द्वारा लिखी गयी स्वामीजी की जीवनी के अनुसार १२ जनवरी को उनकी जयन्ती है ।
- ' हिन्दुस्तान ' अखबार द्वारा दिए गये २ ० १ ० के पंचाग के अनुसार ६ जनवरी, काशी से प्रकाशित ठाकुर प्रसाद के प्रसिद्ध पंचाग के हिसाब से ७ जनवरी तथा रोमां रोलां द्वारा लिखी गयी स्वामीजी की जीवनी के अनुसार १ २ जनवरी को उनकी जयन्ती है ।