रात की पारी sentence in Hindi
pronunciation: [ raat ki paari ]
"रात की पारी" meaning in English
Examples
- बनारस विश्वविद्यालय में डा. माधुरी बेन शाह ने स्त्रियों की शिक्षा आदि पर दो दिन के सम्मेलन में एक भाषण दिया था जिसमें उन्होंने स्त्री को कपड़ा मिल में रात की पारी न करने दिये जाने का विरोध किया था।
- यहां यह बता दें कि महुआ की तरफ से रात की पारी के कर्मियों के लिए ड्रापिंग फेसिलिटी है पर विद्युत अपनी बाइक से आना-जाना इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि वे अपने साधन से 30 मिनट में ही पहुंच जाते हैं.
- जब भी याहू पर चैटिंग करती और बताती कि पति बाहर गए हैं तो सामने वाला यह जरूर कहता (जब भी ये रात की पारी में काम पर रहते, मैं कभी कभी याहू पर चैट करती थी, यह भी मुझे मेरे पति ने ही सिखाया था।)
- ' आज तक ' में पी कर आने वालों का ब्रेथ एनालाइजर व एलकोमीटर से होने लगा टेस्ट: टीवी टुडे ग्रुप ने रात की पारी में शराब पीकर आने वालों या आने के बाद शराब पीने वालों पर लगाम लगाने के लिए पहल शुरू कर दी है।
- जब भी याहू पर चैटिंग करती और बताती कि पति बाहर गए हैं तो सामने वाला यह जरूर कहता (जब भी ये रात की पारी में काम पर रहते, मैं कभी कभी याहू पर चैट करती थी, यह भी मुझे मेरे पति ने ही सिखाया था।
- रात्रि के पहले प्रहर की इस गहमागहमी के बीच वातावरण में एक अलौकिक और समृद्ध संगीत के स्वर गूंज उठते हैं, जिसमें दिन की पारी समाप्त कर लौटते जीवों और रात की पारी के लिए जागते प्राणियों, जैसे बंदर, बगुला, झींगुर मेंढक और टिड्डे आदि के सम्मिलित स्वर उभरते हैं।
- भड़ास 4 मीडिया को टीवी टुडे ग्रुप के उच्च पदस्थ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ग्रुप के न्यूज चैनलों आज तक, तेज और हेडलाइंस टुडे की रात की पारी में जो लोग काम पर आते हैं, उनमें कई लोग पी कर आते हैं और कुछ लोग आने के चंद घंटों बाद बाहर निकल कर अपनी कार में पीना शुरू कर देते हैं।
- अध्यापकों से फिजूल काम न लिया जाये, स्कूलों का रख-रखाव समुचित हो, शिक्षा को बेचने का काम बंद हो, जिला पंचायत को हर बच्चे की जिम्मेदारी दी जाय, नदियों, नालों, नहरों पर पुल बनाये जांय, जातिगत भेदभाव मिटा दिया जाय, काम पर जाने वाले लोगों के लिए रात की पारी खोली जाए, जहाँ रात को पढाई की जा सके.
- मंदी की मार सबसे ज्यादा पड़ी है प्राइवेट कम्पनियों के कर्मचारियों पर, रातों की नींद उड़ गयी है, रात की पारी मैं काम करने वाले तो खेर पहले भी रात को नही सो पाते थे, लेकिन ये जगराता उससे अलग है, हर समय छंटनी की तलवार सर पर लिए काम करना, कुछ कम हिम्मत का काम नही है भाई, मेरे एक कार्टूनिस्ट दोस्त ने उनका दर्द कुछ इस तरह से व्यक्त किया,
- मचाया जा रहा हो, वहीं मजदूरों के पैरोकार का खोल ओढ़े भट्टाचार्य जी मजदूरों की एक सभा में कहते हैं कि वे बच्चों को मजदूरी करने से इसलिए नहीं रोक सकते, क्योंकि अपने परिवारों में आमदनी बढ़ाने में वे मददगार होते हैं और इसलिए भी ताकि वे काम करते हुए पढ़ाई भी कर सकें।... आगे पढ़ें... उन्हें स्त्रियों की अस्मिता या जिन्दगी से ज्यादा प्यारा है मुनाफा!: देश की राजधानी में कामगार महिलाएँ सुरक्षित नहीं हाल ही के दिनों में दिल्ली में रात की पारी में काम करने वाली महिलाओं के उत्पीडन की ख़बरें अख़बारों में छपीं।