भौतिक सम्पदा sentence in Hindi
pronunciation: [ bhautik sempedaa ]
"भौतिक सम्पदा" meaning in English
Examples
- महर्षि ने कहा है, ” छोटी राह से प्राप्त भौतिक सम्पदा सुख से अधिक दुःख देती है, जबकि शाश्वत सुख के लिए कठिन और लम्बी राह पर चलना होता है.
- सरकार इस बात का भी निर्धारण करे कि अर्जित संपत्ति के निर्माण में पत्नी का क्या सहयोग रहा है या पति के परिवार के भौतिक सम्पदा के विस्तार में क्या योगदान है.
- वस्तुत: विद्यालय के भवनों के मालिक जो शिक्षा से कम सरोकार रखते हैं भौतिक सम्पदा से ज्यादा लगाव है उनकी वजह से ये गालिया शिक्षाक्षेत्र के लोगों को खानी पड़ रही है।
- यह भौतिक सम्पदा, महल दुमहले, धन दौलत सब यहीं छूट जानी हैं फिर क्यों अधर्म और अपराध के रास्ते पर चल कर गलत तरीकों से उसे जोड़ कर रखने का आग्रह है!
- देश का 80 फीसदी अवाम खेतों-खलिहानों से लेकर कल-कारख़ानों तक में दिनों-रात खटकर अकूत भौतिक सम्पदा का उत्पादन करता है और उसका अधिग्रहण करते हैं कुल आबादी के एक छोटे-से हिस्से का निर्माण करने वाले पूँजीपति।
- बल्कि यह कहना चाहिए कि पश्चिम में सभ्यता, जनवाद, आजादी, समानता, भ्रातृत्व आदि के सिद्धान्त पैदा करने का अतिरिक्त समय वहाँ के लोगों को पूरब से लूटी गई भौतिक सम्पदा के कारण मिल पाया।
- बौद्धिक सम्पदा को भौतिक सम्पदा बना देना क्या कहीं ट्रेडमार्क कॉपीराइट जैसा तो नहीं हो जायेगा कि मेहनत हमारी और कोश की कमाई या कोष कोई सुदूर बैठा व्यक्ति खा जाये।-डॉ ० ' क्रान्त ' एम ० एल ० वर्मा (वार्ता)
- वो जन संत अपितु जन संन थे, गुरु दिन घोर अंधार की व्याख्या करते हुए गुरुदेवश्री ाके सभी विवतियों का समन करेनवाला आराधक बताया और कहा कि सच्चा भौतिक सम्पदा वालों का नहीं होकर आध्यात्कि शक्ति सम्पन्न व्यक्तियों का होना चाहिए और वे ही काल के इतिहास में अगर बने रहते है।
- सुख का सम्बन्ध भौतिक सम्पदा से है जैसे बीबी बच्चे, मकान, मोटर गाडी, रुपये पैसे अगर हैं तो कहते हैं सुखी है, लेकिन आत्मॉ के लिए ये चीजें व्यर्थ हैं ङन चीजों से शॉन्ति नहीं मिल सकती है, सुखों को बॉटने से शॉन्ति मिलती है, रावण हो या कंस या सिकन्दर सभी सुखी थे, मगर शॉन्ति नहीं थी ।
- असल में बौद्धिक क्रियाकलाप को उसकी आंतरिक विशेषताओं की शर्तों पर उन स्तरों के आधार पर विभेदित किया जाना चाहिए जो चरम विरोध के क्षणों में वास्तविक गुणात्मक भिन्नता के रूप में व्यक्त होते हैं-उच्चतम स्तर पर विविध विज्ञानों, दर्शनों, कलाओं इत्यादि के निर्माता होंगे और सबसे निचले स्तर पर क्षुद्र “ प्रशासक ” तथा पहले से मौजूद, पारम्परिक, संचित भौतिक सम्पदा को व्यक्त करने वाले लोग होंगे।