नवतारा sentence in Hindi
pronunciation: [ nevtaaraa ]
"नवतारा" meaning in English "नवतारा" meaning in Hindi
Examples
- लेकिन एक बात आपसे पूछना चाहता हूं-नवतारा के आचरण को क्या आप वास्तव में अनुचित नहीं समझतीं? सुमित्रा ने कहा, कम-से-कम मैं नहीं समझती।
- सुमित्रा बोली, मनोहर बाबू, नवतारा के पति का अपनी पत्नी के प्रति जो कर्त्तव्य था, क्या उसे उन्होंने कभी निभाया? यह सब जानते हैं।
- लम्बी कविता ‘ शहर ' इन्दौर विश्व विद्यालय के बी. ए. (द्वितीय वर्ष) के पाठ्यक्रम में एवम् ‘ जड़ें ' सीबीएसई की कक्षा आठवीं की पुस्तक ‘ नवतारा ' में सम्मिलित।
- पेट भर खा-पी चुकने के बाद रुपयों की थैली भी लेकर चले जाओगे क्या? डॉक्टर मुंह कौर निगलते हुए बोले, जरूर, जरूर-आधे रुपए तो चले गए नवतारा के मकान बनाने के खाते में।
- ऊपर उल्लिलिखत विशेषांकों के अतिरिक्त कथा-विंब लहर वर्तमान जनगाथा, दिशा, संबोधन, वर्ष वैभव, समीचीन, साहित्य निर्झर, नवतारा आदि पत्रिकाओं के विशेषांकों ने लघुकथा की तस्वीर स्पष्ट करने में प्रमुख भूमिका निभायी।
- इसका उद्देश्य क्या है? भारती को अचानक इसका पता कैसे लगा? और यह आदमी जो टिकट के बदले शराब ख़रीदकर पी लेने पर उसके सामने ही पकड़ा गया था-और सबसे बढ़कर वह नवतारा, जो पति को छोड़कर देश का काम करने आई है।
- क्रमशः, अभिज्ञान, अभिकल्प, प्रसंग, कतार, विपक्ष, युद्धरत आम आदमी, नवतारा, उत्तरा, दस्तक, सार्थक जैसी कई पत्रिकाएं और रांची एक्सप्रेस, देशप्राण, न्यू मेसेज, रांची विकली जैसे बड़े-छोटे पत्रों के संपादकों से उनके निकट व सीधे संपर्क रहे।
- मनोहर ने वक्र दृष्टि से उसकी ओर देखकर सुमित्रा से पूछा, पति-गृह में विवाहित जीवन से अधिक गौरव की वस्तु नारी के लिए और भी कुछ है क्या? दूसरों की बात जो भी हो, लेकिन नवतारा का पति के घर रहकर जीवन बिताना कोई गौरव का जीवन नहीं है।
- ‘ कुरुशंख ' शमीम शर्मा के कैरियर से जुड़ा होने के कारण सजग और चौकन्ना रहा, जबकि ‘ नवतारा ' अनेक अंकों में लघुकथाओं के संयोजन का प्रयोजन लघुकथा के व्यापक कैनवास या जीवन की विविध स्थितियों से केवल परिचित कराना नहीं, अपितु इस पनप रहे पौधे की अस्मिता के रक्षण हेतु संघर्ष की भूमिका तैयार करना था, जिसमें संपादक सफल रहा।
- महिलाओं के सामने अर्थहीन शब्द न कहकर अगर नवतारा कहे कि इस देश में एक दिन सीता को भी आत्म-सम्मान की रक्षा के लिए पति को त्यागकर पाताल में जाना पड़ा था और राज-कन्या सावित्री ने दरिद्र सत्यवान को विवाह से पहले इतना प्यार किया था कि उसकी अल्प आयु के बारे में जानते हुए भी हिचकी नहीं और मैं स्वयं भी उस दुष्ट पति को प्यार नहीं कर सकी और उसे छोड़कर चली आई हूं।