तिलका मांझी sentence in Hindi
pronunciation: [ tilekaa maanejhi ]
Examples
- कबीर मोती दर्शन महाविद्यालय परबत्ता की बदहाली को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े छात्र-छात्राओं ने बुधवार को कालेज गेट के समीप शिक्षा मंत्री व तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के कुलपति का पुतला फूंका।
- ठेठ पूर्वोत्तर की नागारानी गाईदिल्ल्यू से सिद्दू-कानू, बिस्सा मुंडा, तिलका मांझी, टंट्या मामा, गोविन्द गुरु, जोरिया भक्त, ख्याजा नायक, अल्लूरि सीताराम राजू और केरल की आदिवासी किसान क्रांति।
- इस संगोष्ठी के दूसरे दिन प्रथम सत्र की अध्यक्षता मैथिली के जानेमाने हस्ताक्षर व तिलका मांझी विश्वविधालय भागलपुर के मैथिली विभागाध्यक्ष केष्कर ठाकुर ने की तथा आलेख पाठ धीरेन्द्र कुमार-मैथिली प्रबंध में काव्य परियोजना।
- प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी देते हुए जिले के प्रभारी एसपी अवध बिहारी राम ने बताया कि दुर्गापुर गांव के तिलका मांझी चौक से 132 पीस अवैध मोबाइल व कपड़ों के साथ पश्चिम बंगाल के आसनसोल निवासी मो.
- आदिवासी योद्धा बाबा तिलका मांझी ने अंग्रेजों से कहा था कि जब जंगल और जमीन भगवान ने हमें वरदान में दिया है तो हम सरकार को राजस्व क्यों दे? लेकिन अंग्रेजी शासकों ने उनकी एक नहीं सुनी।
- इस दल में तिलका मांझी विश्वविद्यालय के गांधियन फिलोसोफी के स्नाताक्कोत्तर विभाग के लोग, शामिल थे जिन्होंने लुकिरम टुडू, जो कि काठीकुंड पुलिस फायरिंग में मृत्यु को प्राप्त हुआ था, उसके परिवार से भेंट की।
- तिलका मांझी, सिद्धो कान्हू, और विरसा मुंडा का संघर्ष अपने इसी नैसर्गिक आधिकार के लिए था और उन संघर्षों की ही परिणति जनजातीय क्षेत्र के लिए विशेष भू कानूनों के रूप में हम आज देख रहे हैं.
- झारखण्डी आदिवासियों के भगवान बिरसा मुंडा, महानायिका सिनगी दई, राबिनहुड के नाम से जाने जाने वाले टंट्या भील, सिद्धू कान्हूं, तिलका मांझी, शहीद गेंद सिंह जैसे अनेक आदिवासी महानायक जिन पर फिल्में बनाई जा सकती हैं।
- वैसे तो देश की आजादी का पहला स्वतंत्रता संग्राम 1857 का माना जाता है लेकिन अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह का बिगुल 1780-84 में ही बिहार के संथाल परगना में तिलका मांझी की अगुवाई में शुरू हो गया था.
- इतिहास गवाह है कि बाबा तिलका मांझी, सिदो-कन्हो, फूलो-झानो, सिंगराय-बिन्दराय, माकी-देवमणी, बुद्धो भगत, निलंबर-पीतंबर, बिरसा मुंडा, जतरा टाना भगत जैसे सैंकड़ो क्रांतिकारी आदिवासी नेताओं ने आजादी की लड़ाई लड़ी लेकिन इतिहास में उन्हें नाकार दिया गया।