चिरी sentence in Hindi
pronunciation: [ chiri ]
Examples
- मुखिया संघ के अध्यक्ष सह चिरी पंचायत मुखिया रामेश्वर मिस्त्री ने इस बाबत डीसी से मिलकर सुरक्षा मांगने और स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं होने की स्थिति में सीएम तक मामला ले जाने की बात कही है।
- बैठक में कायकर्ताओं ने ओपा से सुंदरू तक पथ निर्माण सुकमार तालाब का जीर्णोद्धार, जीमा चौक से कमले रेलवे स्टेशन तक पथ का कालीकरन व चिरी में चेकडैम का निर्माण की मांग मुख्य अतिथि सुबोध लाल से की।
- ऐसी रेशोंवाली लकड़ी सीधे रेशेवाली लकड़ी कहलाती है, किंतु यदि तख्ते, कड़ियाँ, या खंभे इस पकार चीरकर बनाए जाएँ कि चिराई लकड़ी के अक्ष के समांतर न हो, तो रेशा किसी पहल के समांतर न होगा और चिरी लकड़ी तिरछे रेशेवाली कहलाएगी।
- ओ आदमी, मैंने कभी नहीं उठाई बाहें तुम्हारे खिलाफ जब तुमने मेरी कोख चिरी और लगा दिया खून का सिन्दूर मुझे दर्द महसूस हुआ पर मैंने तुम्हे नहीं बताया * * * * * * तसलीमा नसरीन taslima. nasreen @ gmail.
- तुम खट्टी होगी... पर सच्ची होगी... अभी छौंक रही होगी हरी चिरी मिर्चें... खट्टे करौंदों के साथ... या कच्ची आमी के... या नींबू के... या ना भी शायद... नाप रही होगी अपना कंधा... बाबू जी के कंधे से... या भाई से... और एड़ियों के बल खड़ी तुम्हारी बेईमानी बड
- तुम खट्टी होगी... पर सच्ची होगी... अभी छौंक रही होगी हरी चिरी मिर्चें... खट्टे करौंदों के साथ... या कच्ची आमी के... या नींबू के... या ना भी शायद... नाप रही होगी अपना कंधा... बाबू जी के कंधे से... या भाई से... और एड़ियों के बल खड़ी तुम्हारी बेईमानी बड...
- हमें काम नहीं बताएंगे, पर आने की पूछने के लिए सुबह-शाम दिमाग हमारा चाटेंगे! लपाड़िया, चुगलखोर कहीं का! तू उसके चक्कर में मत आ जाना! खुद किसी की चिरी उँगली पर पेशाब तक नहीं करेंगे, पर मतलब पर गधे को भी बाप बना लेंगे।
- हिंदी-भाषी क्षेत्र में इसे गोरैया, तमिलनाडु और केरल में कुरूवी, तेलगु में पिछुका, कन्नड़ में गुब्बाची, गुजराती में चकली, मराठी में चिमनी, पंजाबी में चिरी, उड़ीसा में घरछतिया, पश्चिम बंगाल में धन पाखी, सिंधी में झिरकी नाम से जाना जाता है.
- वो क्या जाने पीर पराई. फटी एङियों के बारे में जिस भी कवि ने ये पंक्तियां लिखी हैं सत्य है, क्यों कि फटी बिवाईयों का दर्द इतना ज्यादा होता है कि जब मेरी मां इनके उपचार के लिए पिघला मोम डालती थी चिरी हुई एङियों में तो वो जलन भी कम लगती थी, सर्दी के दिनो
- तुम खट्टी होगी... पर सच्ची होगी... अभी छौंक रही होगी हरी चिरी मिर्चें... खट्टे करौंदों के साथ... या कच्ची आमी के... या नींबू के... या ना भी शायद... नाप रही होगी अपना कंधा... बाबू जी के कंधे से... या भाई से... और एड़ियों के बल खड़ी तुम्हारी बेईमानी बड़ा रही होगी तुम्हारे पिता की चिंता...