गजेन्द्र मोक्ष sentence in Hindi
pronunciation: [ gajenedr mokes ]
Examples
- बरकत के लिए पूरे वर्ष सुख-शांति व आनंद से बिताने के लिए धन तेरस से लेकर दीपावली तक लगातार तीन दिन सुबह-शाम अपने पूजा स्थान में भगवान गणपति की तस्वीर के सामने चौमुखा घी का दीपक जलाकर गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्र के 108 पाठ करें।
- १.] बहुत अधिक अशुभ (भयंकर) स्वप्न आने पर दूसरे दिन सुबह गोपाल स्त्रोत या, गजेन्द्र मोक्ष स्त्रोत या गायत्री मंत्र या गुरु मंत्र का पाठ करना चाहिए तथा अपने ईष्ट देव से सुख-समृद्धि शांति व सुरक्षा की कामना चाहिए।
- इसके बगल में ही महावीर मंदिर, राधाकृष्ण मंदिर, लोकसेवा आश्रम, गौरी शंकर मंदिर, काली मंदिर, मनुष कुटीर आश्रम, उमा माहेश्वरी मंदिर, वालनाथ मंदिर, ठाकुरबारी मंदिर के साथ-साथ गजेन्द्र मोक्ष स्थान (नौलखा) मंदिर विराजमान है जहां भक्तों की भीड़ लगती है।
- इसमें गुप्तकालीन अवशेषों में ललितपुर के देवगढ़ के समीप राजघाटी, नाहर घाटी, सिद्ध गुफा, दुधई में चट्टानों को काट कर बनाई सुन्दर प्रतिमाएं, दशावतार मन्दिर व उसमें स्थापित नर-नारायण, गजेन्द्र मोक्ष, शेषशायी विष्णु की भव्य प्रतिमाएं शिल्प कला के अनूठे व बेजोड़ उदाहरण है।
- आर्थिक फायदा नहीं होता है तो दुकान पे जाने से पहले झंडु (गेंदे के फूल/मेरी गोल्ड) के फूल की कुछ पंखुड़ियाँ, हल्दी और चंदन में घिस करतिलक करें गुरुमंत्र का जप करें फिर दुकान पे जायें तो कोई ग्राहक खाली हाथ नहीं जायेगा, आर्थिक लाभ बढ़ेगा गजेन्द्र मोक्ष का पाठ करके जायें, कर्जा है तो उतरजायेगा-5
- 5 दिसम्बर को नृसिंह अवतार, गजेन्द्र मोक्ष, लक्ष्मी अवतार व वामन अवतार, 6 दिसम्बर को गंगा अवतरण, भगवान रामचरित, श्रीकृष्ण जन्म एवं नंदोत्सव, 7 दिसम्बर को बाल लीला, गोवर्धन धारण एवं आध्यात्मिक रासलीला, 8 को मथूरागमन एवं रूक्मणी विवाह तथा 9 दिसम्बर को सुदामा चरित्र, उध्दव लीला एवं परिक्षित मुक्ति की कथा हवन एवं पूर्णाहुति का कार्यक्रम होगा।
- कथा में प्रथम दिवस श्रीमद् भागवत महात्म्य, द्वितीय दिवस कुन्ती चरित्र व परीक्षित जन्म, तृतीय दिवस गजेन्द्र मोक्ष व वामन अवतार, चतुर्थ दिवस श्री राम जन्म व कृष्ण जन्मोत्सव, पंचम दिवस श्रीकृष्ण बाल लीला, गोवर्धन पूजा व छप्पन भोग, षष्ठम दिवस उद्धव गोपी संवाद व रूक्मिणी विवाह तथा सप्तम दिवस सुदामा चरित व व्यास पूजन के साथ कथा का समापन होगा।
- द्वितीय दिवस कपिलोपाख्यान व सती एवं ध्रुव चरित्र, तृतीय दिवस जड़ भरत कथा, प्रह्लाद कथा व नृसिंह अवतार, चतुर्थ दिवस गजेन्द्र मोक्ष, वामन अवतार, राम चरित्र एवं कृष्ण जन्मोत्सव, पंचम दिवस श्रीकृष्ण बाल लीला, गोवर्धन पूजा एवं छप्पन भोग, षष्ठम दिवस उद्धव चरित्र, कंस वध, रूक्मिणी विवाह एवं फूलों की होली तथा सप्तम अर्थात् अन्तिम दिवस सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष तथा शुकदेव विदाई होगी।
- 21 अप्रेल को कपिल चरित्र, सति व धु्रव चरित्र, 22 अप्रेल को अजामिल उध्दार, प्रहलाद चरित्र, गजेन्द्र मोक्ष व महालक्ष्मी अवतरण की कथा 23 अप्रेल को गंगा अवतरण, श्रीराम चरित्र, भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव, 24 अप्रेल को श्री कृष्ण की बाललीला, गोवर्ध्दन धारण कथा, 25 अप्रेल को मथुरा गमन, उध्दवलीला, एवं रूक्मणी विवाह तथा 26 अप्रेल को सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष की कथा का रसपान करवाया जायेगा।
- प्रति वर्ष चैत्र शुक्ल एकादशी (२२ अप्रैल २ ० १ ३) के दिन हरिहरनाथ से मुक्तिनाथ की यात्रा जिसमें जगह-जगह धर्म सभाएं स्वागत संतों का प्रवचन आशीर्वाद यात्रा मार्ग में २ ६ स्थानों पर धर्म सभाएं हुई हजारों धर्म पिपासू बंधुओं ने भाग लिया सैकड़ों स्थानों पर स्वागत हुआ यात्रा में विशेष आकर्षण भगवान गजेन्द्र मोक्ष का रथ बना हुआ था जिसे देखते ही सैकड़ो नर-नारी टूट पड़ते थे लगता था श्रद्धा का बाध ही टूट गया हो.