कोल्हापूर sentence in Hindi
pronunciation: [ kolhaapur ]
Examples
- मैं ने यहाँ कई प्रदेशों का गुड खाया है-कोल्हापूर, केरल,-कहाँ कहाँ का गुड नहीं मिलता यहाँ-बस-मेरठ का नहीं मिलता-जो स्वाद मेरठ के गुड में है वो कहीं के गुड में नहीं-
- कोल्हापूर लोकसभा की १ जगह राष्ट्रवादी से मांगकर कांग्रेस ने २ ७ व राष्ट्रवादी ने २ १ जगह से चुनाव लडने का यह फाम्र्यूला कांग्रेस के सांसदीय मंडल की बैठक [...]
- जिसमें जालना, यवतमाल, दक्षिण नगर, रायगढ आदि सीटों की मांग राष्ट्रवादी ने की है तथा कांग्रेस ने हिंगोली, शिर्डी, कोल्हापूर यह लोकसभा की सीटें देने की [...]
- चेती, दिल्ली चेती, लखनऊ लपटें छाई थी,मेरठ, कानपूर, पटना ने भारी धूम मचाई थी,जबलपूर, कोल्हापूर में भी कुछ हलचल उकसानी थी,बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी,खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी (
- चेती, दिल्ली चेती, लखनऊ लपटें छाई थी, मेरठ, कानपूर, पटना ने भारी धूम मचाई थी, जबलपूर, कोल्हापूर में भी कुछ हलचल उकसानी थी, बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी (
- ज्या संस्थेने शिवरायांची बदनामी केली त्या संस्थेचा राजीनामा द्या म्हणून कुणी सांगण्याची गरज का पडावी? तुम्ही आपणहून राजीनामा का दिला नाही? कोल्हापूर आणि सातारा दरबारने पुणे मनपाला पत्र लिहून नंतर पुतळा हटवण्याची मागणी केली होती, हे तुम्हाला माहित नाही कि मुद्दाम सांगायचे नाही.
- महलों ने दी आग, झोंपड़ी ने ज्वाला सुलगाई थी,यह स्वतंत्रता की चिनगारी अंतरतम से आई थी,झाँसी चेती, दिल्ली चेती, लखनऊ लपटें छाई थी,मेरठ, कानपूर, पटना ने भारी धूम मचाई थी,जबलपूर, कोल्हापूर में भी कुछ हलचल उकसानी थी,बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी,खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।।
- महलों ने दी आग, झोपड़ी ने ज्वाला सुलगाई थी, यह स्वतंत्रता की चिनगारी अंतरतम से आई थी, झाँसी चेती, दिल्ली चेती, लखनऊ लपटें छाई थी, मेरठ, कानपूर, पटना ने भारी धूम मचाई थी, जबलपूर, कोल्हापूर में भी कुछ हलचल उकसानी थी, बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।।
- महलों ने दी आग, झोंपड़ी ने ज्वाला सुलगाई थी, यह स्वतंत्रता की चिनगारी अंतरतम से आई थी, झाँसी चेती, दिल्ली चेती, लखनऊ लपटें छाई थी, मेरठ, कानपूर, पटना ने भारी धूम मचाई थी, जबलपूर, कोल्हापूर में भी कुछ हलचल उकसानी थी, बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।।
- कोल्हापुर में हुए कार्यकर्ताओं के संमेलन के लिए यहां आए गवई ने कल एक प्रेस कान्फरन्स में कहा कि अमरावती, हिंगोली, बुलढाणा, यवतमालवाशिम, अहमदनगर-दक्षिण, शिर्डी, चंद्रपुर, नागपुर, कल्याण, कोल्हापूर, हातकणंगले, मुंबई उत्तर-पुर्व, मुंबई पश्चिम, मुंबई-दक्षिण, मुंबई दक्षिण-मध्य आदि सीटों पर किस्मत आजमायी जायेंगी.