कुंअर बेचैन sentence in Hindi
pronunciation: [ kunar bechain ]
Examples
- गीत यात्रा के स्वनाम धन्य प्रतिनिधि रचनाकारों में-गोपाल सिंह नेपाली, वीरेन्द्र मिश्र, रमानाथ अवस्थी, रामावतार त्यागी, सोम ठाकुर, चन्द्रसेन विराट, चन्द्रकुमार सुकुमार, कुंअर बेचैन, कुमार रवीन्द्र आदि चर्चित रहे हैं।
- याद आया कुंअर बेचैन का वह गीत जो ' मां ' की अद्भुत अभ्यर्थना है, और याद आई विष्णु नागर की कविता ' मां सब कुछ कर सकती है ' जो अभी पिछले माह ही मैंने अपने ब्लॉग पर डाली थी.
- विश्व उपभोक्ता दिवस की पूर्व संध्या पर जयपुर के बिड़ला सभागार में आयोजित राष्ट्रीय कवि सम्मेलन को डॉ. कुंअर बेचैन ने नई ऊंचाइयां बख्शीं: हालांकि ये पंक्तियां पहले भी सुनी होंगी आपने, फिर भी प्रस्तुत हैं-ये सोच के मैं उम्र की ऊंचाइयां चढ़ा, शायद यहा
- खुशबू की लकीर ही है--डॉ. कुंअर बेचैन की काव्य-यात्रा. कल यानी १ दिसंबर ० ९ को राजभाषा मंच की ओर से आयोजित साहित्य अकादमी के कर्यक्रम-कुंअर बेचैन के एकल काव्य-पाठ में शामिल होना एक सुखद-अनुभूति की तरह था.
- खुशबू की लकीर ही है--डॉ. कुंअर बेचैन की काव्य-यात्रा. कल यानी १ दिसंबर ० ९ को राजभाषा मंच की ओर से आयोजित साहित्य अकादमी के कर्यक्रम-कुंअर बेचैन के एकल काव्य-पाठ में शामिल होना एक सुखद-अनुभूति की तरह था.
- रूप चौधरी की अगुवाई वाली संस्था विकल्प के कवि सम्मलेन और सम्मान समारोह में डॉ हरिओम पंवार, डॉ कुंअर बेचैन, डॉ सुरेन्द्र दुबे, डॉ सरिता शर्मा, गजेन्द्र सोलंकी और सुदीप भोला सहित अनेक साहित्य प्रेमी, पत्रकार और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया.
- जहां एक तरफ कवि श्री कुंअर बेचैन, श्री सुनील जोगी, श्री रमेश शर्मा, सुश्री सुमन दुबे ग़ज़लों की रूमानियत और गीतों के इंद्रधनुषी रंगों की आभा बिखेर रहे थे, तो दूसरी तरफ हास्य-व्यंग्य की फुहारों से श्रोताओं के दिलों को झंकृत कर रहे थे।
- अन्यथा आज केदारनाथ सिंह, त्रिलोचन, चन्द्रकान्त देवताले, मंगलेश डबराल, अरूण कमल तथा राजेश जोशी कविता की ज़मीन पर जिस महत्व के साथ खड़े हैं, उसी महत्व के साथ नईम, कुंअर बेचैन, कैलाश गौतम, माहेश्वर तिवारी, नचिकेता तथा यश मालवीय भी खड़े होते।
- मटमैली-सी धोती और खादी के कुर्ते में एक औसत भारतीय की तरह ठेठ देहाती शख्सियत के कवि को मैंने बिजनौर कविसम्मेलन के मंच पर बैठे देखा तो अपने पास ही बैठे कवि डॉक्टर कुंअर बेचैन से इशारों-ही इशारों में जाना चाहा कि ये कौन सज्जन हैं तो उन्होंने कान में धीरे से फुसफुसाया-अदम गौंडवी।
- इन कवि सम्मेलनों की श्रृंखला में डॉ. सुरेश अवस्थी, डॉ. कुंअर बेचैन एवं दीपक गुप्ता की भागीदारी है और यह कवि सम्मलेन पिट्सबर्ग, वॉशिंगटन डीसी, रिचमंड वर्जिनिया, रॉली नार्थ कैरोलाईना, सैन होजे, कैलिफोर्निया, नैशविल टेनिसी, न्यूओर्लीन्स, ह्यूस्टन, बॉस्टन, इंडिआनापोलिस, शिकागो, सिनसिनाटी ओहाओ, डेट्रॉइट, कोलम्बस ओहाओ, क्लीवलैंड ओहाओ, टोरंटो कैनेडा, प्रिंसटन न्यूजर्सी एवं न्यूयॉर्क आदि 18 जगहों पर हो रहे हैं।