सूर्य सा sentence in Hindi
pronunciation: [ surey saa ]
"सूर्य सा" meaning in English
Examples
- सौरमंडल में शुक्र ग्रह की स्थिति पृथ्वी और सूर्य के मध्य में होती है, इसलिए किसी भी जन्मकुंडली में शुक्र और सूर्य सा थ.स ाथ ही होता है।
- किशना जी एंव मैँ देश द्रोही ब्लाग की और से आप सभी इष्ट मित्रो एंव परिवार जनो कुंटुब को दीपपर्व की कोटि कोटि शुभकामानायेँ आपका जीवन निँरतर सूर्य सा प्रकाशित हो....... जय राष्ट्रवाद
- सोचती सावन की आँखों में कौन इतना नीर भर जाता है ……… उम्र भर हंसाता सारे जग को जो जीवन के उलझे-सुलझे क्षण में क्यों मायूस इतना है कर जाता डूबते सूर्य सा जीवन गगन में ……………..
- गौतम बुद्ध के जन्म के कुछ दिन पहले उनकी माता रानी माया ने स्वप्न में एक सूर्य सा चमकीला, 6 दांतों वाला सफेद हाथी देखा था, जिसका अर्थ मनीषियों ने एक उच्च कोटि के राजकुमार के जन्म सूचक बताया, जो सत्य हुआ।
- चुनाव लोकतंत्र का वह अस्त्र हैं जो जनता के हाथ में है, अब आप उसका सटीक उपयोग करेंगे तो वह आपके भाग्य को सूर्य सा चमका देगा और नहीं तो हमेशा के लिए अन्धकार भी पैदा कर सकता है.....
- गौतम बुद्ध के जन्म के कुछ दिन पहले उनकी माता रानी माया ने स्वप्न में एक सूर्य सा चमकीला, 6 दांतों वाला सफेद हाथी देखा था, जिसका अर्थ मनीषियों ने एक उच्च कोटि के राजकुमार के जन्म सूचक बताया, जो सत्य हुआ।
- यह जो विस्तार फैला वहाँ तक दूर तलक यह विस्तार तुम्हारे पुष्ट, सांवरे वक्षस्थल का है समुद्रश्याम अँकवार लो मुझे यह जिसे सब अस्ताचलगामी सूर्य सा देख रहे हैं यह तो है स्यांतक मणि द्विगुणित कर रही अपनी शोभा तुम्हारे वक्षस्थल के मादक वर्ण से
- यह जो विस्तार फैला वहाँ तक दूर तलक यह विस्तार तुम्हारे पुष्ट, सांवरे वक्षस्थल का है समुद्रश्याम अँकवार लो मुझे यह जिसे सब अस्ताचलगामी सूर्य सा देख रहे हैं यह तो है स्यांतक मणि द्विगुणित कर रही अपनी शोभा तुम्हारे वक्षस्थल के मादक वर्ण से
- कौन सुनता है, उसकी आवाज रहित करुण क्रन्दन | अब तो भारतवासियों को देख-देख उसका हृदय अवसाद, निराशा और उदासी से भर जाता है | मानो गीता ज्ञान बँटने वाली भारत माँ का सूर्य सा चमकता तेज चंद्रमा सा मलिन हो जाता है |
- तब हमारे होठों के बीच पलता है एक अव्यक्त पारदर्शी मौन तब तुम्हारी आँखों के जल मे डूब जाता हूं मैं थके सूर्य सा तब साँझ से रंग बदलते हैं तुम्हारी आँखों मे उभरते हैं बिम्ब, स्वप्न से, फिर पिघल जाते हैं सप्तवर्णी स्वर्ण में