सहज ज्ञान से sentence in Hindi
pronunciation: [ shej jenyaan s ]
"सहज ज्ञान से" meaning in English
Examples
- शब्दकोश और पर्याय शब्दकोश के संयोजन का निर्माण करना जोकि सहज ज्ञान से अधिक प्रयोग करने, और स्वत: पाठ विश्लेषण और कृत्रिम बुद्धि अनुप्रयोगों का समर्थन करने के लिए योग्य है।
- कुछ अंधे लोगों की अद्भुत घटना का वर्णन नेविगेशन की एक विधि के रूप में सीखा नहीं, लेकिन एक स्वाभाविक और सहज ज्ञान से उत्पन्न निहित अतिरिक्त भावना के रूप में किया गया है.
- तेजी और सहज ज्ञान से संचार करने का श्रेष्ठ तरीका ढूँढें: Quick Lyn एक मेनू है, जो Lync संपर्क सूची में किसी संपर्क के ऊपर प्रकट होता है और उपलब्ध संचार मोड्स दिखाता है.
- किसानों के सहज ज्ञान से संपन् न, साहसी और हर समय मस् त! अंत में जैसे कि फक्कड़ को नायक बनाकर पूरा उपन् यास लिखने की आकांक्षा का ही फल है, ' अनामदास का पोथा।
- स्कुल और कोलेजों के नागरिक शास्त्र में जितना पढाया जाता है, उतना भी काफी है राष्ट्रपति के अधिकार और कर्त्तव्य के बारे में जानने के लिए, बाकि फैसले तो वो अपने सहज ज्ञान से ही लेते हैं.
- जब हम समझते हैं कि हम रहते हैं और हमारे प्राकृतिक प्रतिभा को व्यक्त कर सकते हैं, हम, अतीत अतीत है, और एक जीवन है कि हमारे सहज ज्ञान से आता है मुक्त बनाने की समस्याओं से मुक्त से मुक्त मुक्त कर रहे हैं.
- सहज ज्ञान से तो यह मूर्खता लगती थी क्योंकि ऐसा करने से लोहा ठण्डा होगा, लेकिन एक्ज़ोथिर्मिक ऑक्सीकरण के कारण सिलिकॉन और कार्बन दोनो ही अतिरिक्त ऑक्सीजन के साथ प्रतिक्रिया करके गर्म लोहे से निकल जाते हैं, जिससे यह स्टील में बदल जाता है.
- सहज ज्ञान से तो यह मूर्खता लगती थी क्योंकि ऐसा करने से लोहा ठण्डा होगा, लेकिन एक्ज़ोथिर्मिक ऑक्सीकरण के कारण सिलिकॉन और कार्बन दोनो ही अतिरिक्त ऑक्सीजन के साथ प्रतिक्रिया करके गर्म लोहे से निकल जाते हैं, जिससे यह स्टील में बदल जाता है.
- और निगम ग्रंथों का अध्ययन कर उनकी सटीक व्याख्या महायोगी जी ने की है, प्राचीन पांडुलिपियों में निहित तंत्र को समझ कर उसे साधकों के लायक बनाया, आज बहुत सी पांडुलिपियों में छिपा तंत्र ज्ञान पीठ के पास सुरक्षित है, महायोगी जी नें सहज ज्ञान से तंत्र का जो उद्दार किया है, वो वास्तव में काबिले तारीफ है, किन्तु शायद
- मेरीमाँ निरक्षर थीं, पर पिता जी जिस पुस्तक का नाम लेते थे, उसे ही पुस्तकोंके संदूक में से निकाल लाती थीं! मैं कहना चाहता हूँ, लोक का प्रशिक्षणपुस्तकों से नहीं, परंपरा और संस्कारों से होता है और उसकी विभूति उसकाअक्षर ज्ञान नहीं, सहज ज्ञान होता है! लोक इस सहज ज्ञान से ही विवाद के समयमें निष्कर्ष पर पहुँचता है, जब कि शिक्षित सहारा लेता है तर्क-संगति का, `रीजनिंग 'का.