शरद् पूर्णिमा sentence in Hindi
pronunciation: [ sherd purenimaa ]
"शरद् पूर्णिमा" meaning in English
Examples
- साधकों ने एक वर्ष पूर्व से ही गायत्री के पुरश्चरण आरंभ किए थे और अक्टूबर १ ९ ५ ८ में चार दिन तक यज्ञ कर शरद् पूर्णिमा के दिन पूर्णाहुति दी थी ।
- शरद् पूर्णिमा के बाद से आने वाले इस मास में दीपावली और देवउठनी एकादशी (छोटी दीपावली, तुलसी विवाह) आते हैं, इसी मास के अंत में कार्तिक पूर्णिमा को छत्तीसगढ़ के विभिन्न देवस्थानों में मेला भरता है।
- विक्रम संवत् 1726 (सन् 1669ई.) में यवनों द्वारा मंदिर के विध्वंस की आशंका होने पर शरद् पूर्णिमा की रात्रि में श्रीवल्लभाचार्यके वंशज श्रीनाथजीके दिव्य विग्रह को रथ पर बिठाकर कुछ वैष्णवों के साथ वहां से सुरक्षित स्थान की खोज में निकल पडे।
- शरद् पूर्णिमा की रात्रि के अवसान होते ही कार्तिक माह का आरम्भ हो जाता है और फिर कार्तिक माह से लेकर फाल्गुन के पूर्वार्ध तक अर्थात् कार्तिक, मार्गशी (अगहन), पौष (पूस) और माघ महीनों में, शीत अपनी सुखद अनुभूति कराने लगती है।
- शरद् पूर्णिमा के बाद से आने वाले इस मास में दीपावली और देवउठनी एकादशी (छोटी दीपावली, तुलसी विवाह) आते हैं, इसी मास के अंत में कार्तिक पूर्णिमा को छत् तीसगढ़ के विभिन् न देवस् थानों में मेला भरता है।
- शरद् पूर्णिमा की रात्रि में गाय के दूध की खीर बनावें और इस खीर में से १ ० तोला खीर ले लेवें और ऊपर वाले छाल का चूर्ण ६ माशे मिला लेवें और दो घण्टे इस क्षीर को चन्द्रमा की चांदनी (प्रकाश) में पड़े रहने देवें ।
- शरद् पूर्णिमा की रात्रि के अवसान होते ही कार्तिक माह का आरम्भ हो जाता है और फिर कार्तिक माह से लेकर फाल्गुन के पूर्वार्ध तक अर्थात् कार्तिक, मार्गशी (अगहन), पौष (पूस) और माघ महीनों में, शीत अपनी सुखद अनुभूति कराने लगती है।
- उन्होंने कहा कि आज का दिन सभी छात्रों के लिए बहुत ही शुभ है क्योंकि आज के दिन इतना पवित्र दिन है जब एक तरफ तो शरद् पूर्णिमा का दिन है तथा दूसरी तरफ एक महान ऋषि व आदिकवि भगवान वाल्मीकि जी का जन्मदिवस भी है और हम ऐसे पवित्र दिन पर अपने कॉलेज के सत्र का शुभारंभ कर रहे हैं।
- सूख गई गाँव की बूढ़ी नदी जिसे सारा परिवेश गाँव की बूढ़ी गंगा कहता शरद् पूर्णिमा को आरती उतारता कन्याएं एक-एक दिया बाल छिउला के पत्तों से बनाए दोनों में सजा श्रद्धा से अपनी बूढ़ी गंगा मैया को अर्पित करतीं और फिर इस छोर देवी मैया के द्वारे फैल जाती गाँव भर की हलचल अपनी लोक संस्कृति के साथ कर्मा की लय पर जहाँ रात भर सारा गाँव थिरकता और भिनसारे धान के खेतों में लौट जाता