विभेद करना sentence in Hindi
pronunciation: [ vibhed kernaa ]
"विभेद करना" meaning in English
Examples
- लेकिन विभिन्न प्रकारों में विभेद करना ठीक है, ताकि आप वीडियो की अपेक्षा आवाज को प्राथमिकता दे सकें,और इस मुद्दे पर गूगल और वेरिजोन का एक सामान्य समझौता है.”
- ! आज सादे कपड़ों में नक्सली और ग्रामीण में विभेद करना कठिन है, दशा ये बनानी होगी कि पुलिस के आदमी और ग्रामीण में अंतर करना कठिन हो जाए..
- ब्लाग पर स्त्री-पुरुष विभेद करना भी अच्छी बात नहीं है क्यों हम सभी जानते हैं हम इस जीवन को अपनी माता और पिता दोनों के सौजन्य से ही पा सके हैं ।
- इन सेवकों में भेद और विभेद करना और उन्हें जन्मजाति कारणांे से सीनियर को रोक कर जूनियर को सीनियर बना देने की परिकल्पना प्राकृतिक न्याय के और सामाजिक न्याय के सर्वथा विपरीत है।
- कई बार इन दोनों प्रकारों के खाद्य व्यवहारों में विभेद करना मुश्किल हो जाता है, उदाहरण के लिए, परजीवी प्रजाति एक परपोषी जीव का शिकार करती है, और फिर उस पर अपने अंडे देती है, ताकि उनकी संतति इसके अपघटित होते हुए कार्बनिक द्रव्य से भोजन प्राप्त कर सके.
- कई बार इन दोनों प्रकारों के खाद्य व्यवहारों में विभेद करना मुश्किल हो जाता है, उदाहरण के लिए, परजीवी प्रजाति एक परपोषी जीव का शिकार करती है, और फिर उस पर अपने अंडे देती है, ताकि उनकी संतति इसके अपघटित होते हुए कार्बनिक द्रव्य से भोजन प्राप्त कर सके.
- मनुष् य और उसके क्रिया व् यापार में लैंगिक आधार पर विभेद करना संभवत: वैदिक संस् कृति की ही उपज है, अन् यथा दुनिया के एक बहुत बड़े हिस् से में भाषिक आधार पर ऐसी समानता नहीं मिलती, जितनी वैदिक संस् कृति में असमानता मिलती है...
- किसी भी प्रकार का रिजर्वेशन गलत हैं ये मानते हुए इस सुविधा को पूरी तरह ना लागू किया गया होता तो ठीक था लेकिन सुविधा दे कर लिंग विभेद करना और वो भी आज के समय मे, और सिविल सोसाइटी के उनलोगों द्वारा जो दूसरो को शिक्षित करते हैं.
- कई बार इन दोनों प्रकारों के खाद्य व्यवहारों में विभेद करना मुश्किल हो जाता है, उदाहरण के लिए, परजीवी प्रजाति एक परपोषी जीव का शिकार करती है, और फिर उस पर अपने अंडे देती है, ताकि उनकी संतति इसके अपघटित होते हुए कार्बनिक द्रव्य से भोजन प्राप्त कर सके.
- उन्होंने 1894 में अपने एक भारतीय मित्र को लिखा कि धर्म का काम सामाजिक नियम बनाना नहीं है और न लोगों के बीच विभेद करना, लेकिन फिर भी धर्म की अनुमति से आर्थिक स्थितियों ने ही सामाजिक नियम बनाए हैं और सामाजिक मामलों में धर्म ने जो हस्तक्षेप किया, वह इसकी एक भयानक भूल थी.