विकास-प्रक्रिया sentence in Hindi
pronunciation: [ vikaas-perkeriyaa ]
"विकास-प्रक्रिया" meaning in English
Examples
- इस अध्ययन का मकसद है मैंग्रोव जंगलों में बाघों की विकास-प्रक्रिया को समझना, उनकी संख्या की सही जानकारी तथा बाघों और मनुष्यों के बीच लगातार बढ़ती मुठभेड़ों के कारणों को पता करना।
- इस अध्ययन का मकसद मैंग्रोव जंगलों में बाघों की विकास-प्रक्रिया को समझना, उनकी तादाद की सही जानकारी और बाघों व मनुष्यों के बीच लगातार बढ़ते टकराव की वजहों का पता करना है।
- यह अभियान सीधे-सीधे उन अराजकतावादी ताकतों के विरुद्ध है जो प्रजातांत्रिक विकास-प्रक्रिया, संविधान, चुनाव आधारित प्रतिनिधित्व प्रणाली, न्याय व्यवस्था और कार्यपालिका को पिछले कई वर्षों से खुली चुनौती दे रहे हैं ।
- पुस्तक के अंतर्गत लेखक ने उत्तर वैदिक काल से चली आ रही जाति प्रथा एवं वर्ण व्यवस्था को आधार बनाकर पिछड़ा वर्ग की उत्पत्ति, विकास-प्रक्रिया और उसकी वर्तमान दशा-दिशा का वैज्ञानिक ढंग से अध्ययन किया है।
- ये सभी निश्चित ऐतिहासिक परिस्थितियों की उपज होते हैं और इन्हीं ऐतिहासिक परिस्थितियों की विकास-प्रक्रिया में ही, इन व्यवस्थाओं के अंतर्विरोधों को हल करने की जरूरतें और उस हेतु संघर्ष भी परवान चढ़ा करते हैं।
- पुस्तक के अंतर्गत लेखक ने उत्तर वैदिक काल से चली आ रही जाति प्रथा एवं वर्ण व्यवस्था को आधार बनाकर पिछड़ा वर्ग की उत्पत्ति, विकास-प्रक्रिया और उसकी वर्तमान दशा-दिशा का वैज्ञानिक ढंग से अध्ययन किया है।
- मुख्यधारा की मीडिया मानकर चलता है कि सुपर-पॉवर बनना इस देश की ऐतिहासिक विकास-प्रक्रिया की अनिवार्य परिणति है, और ऐतिहासिक विकास-प्रक्रिया की इस गति को 10 फीसदी के ग्रोथ-रेट से बढ़ाकर अभी के अभी हासिल किया जा सकता है।
- मुख्यधारा की मीडिया मानकर चलता है कि सुपर-पॉवर बनना इस देश की ऐतिहासिक विकास-प्रक्रिया की अनिवार्य परिणति है, और ऐतिहासिक विकास-प्रक्रिया की इस गति को 10 फीसदी के ग्रोथ-रेट से बढ़ाकर अभी के अभी हासिल किया जा सकता है।
- देश लोगों का समूह होता है कुछ नियम, कुछ संविधान लोगों के हित में बनाए जाते हैं अपनी भौगोलिक रेखाओं से घिरा देश राष्ट्रीय एकता, अखंडता के सिद्धांतों और सर्वांगीण विकास के विधि-विधान के ऊपर टिका होता है अपनी विकास-प्रक्रिया से विश्व में उच्च स्थान पाता है।
- पूंजीवादी विकास-प्रक्रिया से पैदा हुए अमानवीय विस् थापन, आदिवासी राजनीति के बुर्जुआकरण, धर्मांतरण की राजनीति जैसे सवालों को एक साथ उठाते हुए वे हमारे समय में आदिवासियों द्वारा अपने अस्तित् व की रक्षा के लिए किये जा रहे प्रयासों को ‘ अघोषित उलगुलान ' की संज्ञा देते हैं।