मुझे चाँद चाहिए sentence in Hindi
pronunciation: [ mujh chaaned chaahi ]
Examples
- शाहजहाँपुर जा कर ही समझ में आया कि मुझे चाँद चाहिए की शाहजहाँपुर जा कर ही समझ में आया कि मुझे चाँद चाहिए की नायिका का घर शाहजहाँपुर में होना कोई आश्चर्य नहीं है।
- शाहजहाँपुर जा कर ही समझ में आया कि मुझे चाँद चाहिए की शाहजहाँपुर जा कर ही समझ में आया कि मुझे चाँद चाहिए की नायिका का घर शाहजहाँपुर में होना कोई आश्चर्य नहीं है।
- ' मुझे चाँद चाहिए ' में नायक नायिका के प्रथम संभोग का चित्रण बहुत कलात्मक है जब कि वह ' कुँवारी कन्या के नीविबन्ध को खोलने ' से लेकर प्रवेश तक का वर्णन करता है।
- ऐसी ही एक आत्मविश्वासी लड़की कि संघर्ष गाथा है उपन्यास-मुझे चाँद चाहिए! सुरेन्द्र वर्मा का यह उपन्यास बड़े कथानक का है और इसमें बहुत सारे पात्र हैं लेकिन मुख्य पात्र का संघर्ष और आत्मविश्वास प्रेरक है!
- खरे हो पर, गढ़े हुए नहीं हो सच में, सच जैसे हो खुरदरे और नुकीले मुझे चाँद चाहिए लेकिन उसने रौशनी सूरज से उधार ली है तुम सूरज जैसे हो जलते हो, रौशनी बाँटने के लिए पर जलाते भी हो
- हिंदी में इस तरह एक बहुत साधारण उपन्यास ' मुझे चाँद चाहिए ' के भारी भरकम आकार के बावजूद प्रचार और चर्चा के माध्यम से बाज़ार बनाया गया था और इसी तरह कुछ और किताबों के साथ भी हो रहा है।
- प्रेमचंद की तमाम किताबों से लेकर आपका बंटी, राग दरबारी, नीला चाँद, मुझे चाँद चाहिए जैसी अनेक कृतियों के बारे में उनकी मालूमात संभव है, सूचना के स्तर पर भी न हो, खैर यह किसी की चिंता का विषय भी नहीं.
- कैसा है यह हिंदी का सिनेमा! क्या ज़रूरत नहीं लगती कि हिंदी क्षेत्रों को भी अब ' अपना ' सिनेमा विकसित करने की कोशिश करनी चाहिए? हमें ' लगान ' तो चाहिए, ' देवदास ' भी लेकिन ' गोदान ' भी और ' मुझे चाँद चाहिए ' भी।
- इन अर्थों में निर्मल वर्मा का उपन्यास ‘ अंतिम अरण्य ' और सुरेन्द्र वर्मा के ‘ मुझे चाँद चाहिए ' में कोई मौलिक भेद नहीं है क्योंकि ‘ अंतिम अरण्य का अध्यात्म दर्शन भी उतना ही वायवीय है, जितना ‘ मुझे चाँद चाहिए ' की मखमली सफलता का यथार्थ |
- इन अर्थों में निर्मल वर्मा का उपन्यास ‘ अंतिम अरण्य ' और सुरेन्द्र वर्मा के ‘ मुझे चाँद चाहिए ' में कोई मौलिक भेद नहीं है क्योंकि ‘ अंतिम अरण्य का अध्यात्म दर्शन भी उतना ही वायवीय है, जितना ‘ मुझे चाँद चाहिए ' की मखमली सफलता का यथार्थ |